बेंगलुरु के एक सीनियर सॉल्यूशंस आर्किटेक्ट अरफथ मोहम्मद ने ReuniteIndia.com वेबसाइट विकसित की है, जो नेपाल बाढ़ में लापता लोगों की जानकारी को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाकर परिवारों की मदद कर रही है।
- ReuniteIndia.com नेपाल के NDRRMA, नेपाल पुलिस और भारत के विदेश मंत्रालय से डेटा एकत्र करता है।
- प्लेटफॉर्म ने अब तक 665 व्यक्तियों का विवरण जुटाया है, जिनमें से 477 सुरक्षित पाए गए हैं।
- यह वेबसाइट देवनागरी लिपि के रिकॉर्ड्स को मानक अंग्रेजी में बदलकर भाषा की बाधा को दूर करती है।
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद, प्रभावित परिवारों के लिए अपने प्रियजनों की खबर पाना एक बड़ी चुनौती बन गया था। सरकारी पीडीएफ, सोशल मीडिया पोस्ट और विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों के बीच उलझे परिवारों की मदद के लिए बेंगलुरु के एक टेक विशेषज्ञ अरफथ मोहम्मद ने ReuniteIndia.com नामक वेबसाइट शुरू की है।
अरफथ, जो एक सीनियर सॉल्यूशंस आर्किटेक्ट और एआई मेंटर हैं, ने इस प्लेटफॉर्म को एक 'सेंट्रल हब' के रूप में विकसित किया है। यह वेबसाइट नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA), नेपाल पुलिस, भारत के विदेश मंत्रालय (@MEAIndia) और सीधे परिवारों द्वारा भेजी गई रिपोर्टों से डेटा एकत्र करती है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय आपदाओं के दौरान सूचनाओं का बिखराव परिवारों के मानसिक तनाव को और बढ़ा देता है। अरफथ ने न केवल डेटा को इकट्ठा किया है, बल्कि उसे 'क्लीन' भी किया है। अक्सर एक ही व्यक्ति का नाम अलग-अलग सरकारी सूचियों में अलग-अलग स्पेलिंग के साथ होता है; इस वेबसाइट ने उन सभी विसंगतियों को दूर कर एक सटीक रिकॉर्ड तैयार किया है।
इस वेबसाइट की सबसे अनूठी विशेषता डायनेमिक क्यूआर कोड (QR Code) का उपयोग है। प्रत्येक व्यक्ति के पेज पर एक क्यूआर कोड है, जिससे यदि किसी ने पुराना पोस्टर भी स्कैन किया, तो उसे उस व्यक्ति की वर्तमान और नवीनतम स्थिति का पता चल जाएगा।
"सरकारी पीडीएफ फाइलों से हटकर एक सर्च करने योग्य डिजिटल डेटाबेस की ओर बढ़ना आधुनिक आपदा प्रबंधन की सबसे बड़ी जरूरत है।"
ट्रैकिंग के अलावा, यह पोर्टल लापता व्यक्ति के अंतिम ज्ञात स्थान के पास के अस्पतालों और पुलिस स्टेशनों का लोकेटर भी प्रदान करता है। साथ ही, उन परिवारों के लिए कानूनी मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया गया है जिन्होंने अभी तक पुलिस शिकायत दर्ज नहीं कराई है।
भाषा की बाधा को दूर करते हुए, अरफथ ने बताया कि नेपाल पुलिस के बुलेटिन अक्सर देवनागरी लिपि में होते हैं, जिन्हें भारतीय परिवार नहीं पढ़ पाते। ReuniteIndia.com इन रिकॉर्ड्स को अंग्रेजी में अनुवादित और मानकीकृत करता है, ताकि सूचनाएं तेजी से और सही तरीके से पहुंच सकें। वर्तमान में, वह उपयोगकर्ताओं की मदद के लिए एक एआई चैटबॉट (AI Chatbot) पर भी काम कर रहे हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: ReuniteIndia.com जानकारी का सत्यापन कैसे करता है?
वेबसाइट पर आने वाले हर सबमिशन की मैन्युअल समीक्षा की जाती है और उसे सरकारी आधिकारिक विज्ञप्तियों से मिलान करने के बाद ही अपडेट किया जाता है।
प्रश्न 2: अब तक कितने लोग इस प्लेटफॉर्म के जरिए ट्रैक किए गए हैं?
ताजा आंकड़ों के अनुसार, 665 व्यक्तियों की सूची तैयार की गई है, जिनमें से 477 सुरक्षित हैं और 188 अभी भी लापता हैं।