नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 'भारत इनोवेट्स एक्सपोजीशन' में भारत के 37 अग्रणी डीप-टेक स्टार्टअप्स अपनी तकनीक का प्रदर्शन कर रहे हैं। यह आयोजन ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के समानांतर वैश्विक निवेशकों और व्यापारिक दिग्गजों के साथ नेटवर्किंग का एक बड़ा मंच प्रदान कर रहा है।
- भारत मंडपम में 37 डीप-टेक स्टार्टअप्स के नवाचारों का प्रदर्शन।
- AI-आधारित कैंसर स्क्रीनिंग और समुद्री रोबोटिक्स जैसे क्रांतिकारी समाधान शामिल।
- BRICS देशों के निवेशकों और CEOs के साथ B2B साझेदारी का सुनहरा अवसर।
- शिक्षा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित।
नई दिल्ली के प्रतिष्ठित भारत मंडपम में 11 और 12 सितंबर को आयोजित 'भारत इनोवेट्स एक्सपोजीशन' भारत की तकनीकी क्षमता का वैश्विक प्रदर्शन बन गया है। ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के हाशिए पर आयोजित इस प्रदर्शनी में भारत के 37 सबसे प्रभावशाली डीप-टेक नवाचारों को प्रदर्शित किया जा रहा है। यह आयोजन भारत की उस महत्वाकांक्षा को दर्शाता है जहाँ वह केवल एक सेवा प्रदाता नहीं, बल्कि एक वैश्विक तकनीकी नवाचार केंद्र (Innovation Hub) बनना चाहता है।
प्रदर्शनी में प्रदर्शित तकनीकों की विविधता आश्चर्यजनक है। इसमें जटिल जल निकायों के लिए एक उन्नत फ्लोटिंग सोलर PV प्लेटफॉर्म, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के निरीक्षण के लिए एक फुल-स्टैक मरीन रोबोटिक प्लेटफॉर्म, और दुर्लभ पृथ्वी मुक्त (Rare Earth Free) ई-पावरट्रेन शामिल हैं। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में, AI-सक्षम सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग तकनीक पेश की गई है जो 60 सेकंड से कम समय में जोखिम मूल्यांकन प्रदान करती है, साथ ही एक AI-आधारित भ्रूण निगरानी प्लेटफॉर्म भी प्रदर्शित है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है (Why This Matters)
BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, यह आयोजन केवल एक प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि भारत की 'सॉफ्ट पावर' और 'टेक डिप्लोमेसी' का एक रणनीतिक हिस्सा है। ब्रिक्स देशों के साथ तकनीक साझा करके, भारत वैश्विक दक्षिण (Global South) के नेतृत्व में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। यह आयोजन भारत के उच्च शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र और वैश्विक बाजारों के बीच की खाई को पाटने का काम कर रहा है।
"डीप-टेक नवाचारों का यह प्रदर्शन भारत को एक 'उपभोक्ता अर्थव्यवस्था' से बदलकर 'निर्माता अर्थव्यवस्था' बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।"
यह कार्यक्रम शिक्षा मंत्रालय (MoE) के एक प्रमुख कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसे भारतीय उच्च शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र के नवाचारों के लिए एक वैश्विक त्वरक (Global Accelerator) के रूप में डिजाइन किया गया है। इससे पहले इस श्रृंखला का पहला संस्करण जून 2026 में फ्रांस के नीस (Nice) में आयोजित किया गया था, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन ने संयुक्त रूप से किया था।
ब्रिक्स बिजनेस फोरम के साथ आयोजित होने के कारण, इन स्टार्टअप्स को सीधे CEOs, निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करने का मौका मिल रहा है। FICCI, CII और ASSOCHAM के समन्वय से आयोजित यह मैचमेकिंग प्रक्रिया भारतीय स्टार्टअप्स के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच और राजनयिक विश्वसनीयता सुनिश्चित करेगी।
| विशेषता | भारत इनोवेट्स (नीस, फ्रांस) | ब्रिक्स भारत इनोवेट्स (दिल्ली) |
|---|---|---|
| स्टार्टअप्स की संख्या | 120 | 37 (चुनिंदा) |
| मुख्य फोकस | भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष | BRICS सहयोग और लचीलापन |
| प्रमुख अतिथि | PM मोदी और राष्ट्रपति मैक्रोन | PM मोदी और BRICS नेता |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न 1: भारत इनोवेट्स एक्सपोजीशन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका उद्देश्य भारतीय उच्च शिक्षा संस्थानों और स्टार्टअप्स के डीप-टेक नवाचारों को वैश्विक निवेशकों और कॉर्पोरेट्स से जोड़ना है ताकि उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजार मिल सके।
प्रश्न 2: प्रदर्शनी में किन प्रमुख तकनीकों को दिखाया गया है?
उत्तर: इसमें AI-आधारित स्वास्थ्य स्क्रीनिंग, मरीन रोबोटिक्स और उन्नत सौर ऊर्जा प्लेटफॉर्म जैसे नवाचार शामिल हैं।