कैलिफोर्निया ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के 'एडिक्टिव' फीचर्स पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह कानून एल्गोरिदम और इनफिनिट स्क्रॉल जैसी सुविधाओं को निशाना बनाता है ताकि युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा की जा सके।
- 16 वर्ष से कम उम्र के उपयोगकर्ताओं के लिए 'एडिक्टिव' फीचर्स पर प्रतिबंध।
- इनफिनिट स्क्रॉल, ऑटोप्ले और एल्गोरिदम-आधारित सिफारिशों को प्रतिबंधित किया गया।
- यह कानून पूर्ण प्रतिबंध के बजाय 'डिजाइन' में बदलाव पर केंद्रित है।
- चैटबॉट्स और आयु सत्यापन से संबंधित अन्य सुरक्षा कानूनों को भी मंजूरी।
कैलिफोर्निया के गवर्नर गैविन न्यूसम ने गुरुवार को बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा से संबंधित एक दर्जन से अधिक नए कानूनों पर हस्ताक्षर किए। इनमें सबसे महत्वपूर्ण वह कानून है जो सोशल मीडिया कंपनियों को 16 वर्ष से कम उम्र के उपयोगकर्ताओं को 'लत लगाने वाले' (addictive) फीचर्स प्रदान करने से रोकता है। सैन फ्रांसिस्को के पास आयोजित एक समारोह के दौरान, न्यूसम ने स्पष्ट किया कि यह दृष्टिकोण ऑस्ट्रेलिया द्वारा लगाए गए पूर्ण प्रतिबंध की तुलना में अधिक प्रभावी और तर्कसंगत है।
गवर्नर न्यूसम के अनुसार, समस्या केवल उम्र की नहीं, बल्कि उन इंजीनियरिंग फीचर्स की है जो बच्चों को स्क्रीन से चिपकाए रखते हैं। उन्होंने तर्क दिया कि यदि हम इनफिनिट स्क्रॉल और मनोवैज्ञानिक रूप से शोषणकारी एल्गोरिदम को संबोधित करते हैं, तो हम समस्या की जड़ पर प्रहार करेंगे। ऑस्ट्रेलिया में दिसंबर में लागू हुआ पूर्ण प्रतिबंध काफी हद तक अप्रभावी रहा है, क्योंकि कई बच्चे अभी भी विभिन्न तरीकों से इन प्लेटफार्मों का उपयोग कर रहे हैं।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि कैलिफोर्निया का यह कदम वैश्विक नियामक रुझान में एक बड़ा बदलाव है। अब ध्यान 'पहुंच' (Access) को रोकने के बजाय 'डिजाइन' (Design) को विनियमित करने पर है। यह कंपनियों को मजबूर करेगा कि वे अपने बिजनेस मॉडल को 'यूजर रिटेंशन' (उपयोगकर्ता प्रतिधारण) के बजाय 'यूजर वेलबीइंग' (उपयोगकर्ता कल्याण) की ओर मोड़ें।
"डिजिटल लत केवल व्यक्तिगत कमजोरी नहीं है, बल्कि यह सावधानीपूर्वक इंजीनियर किया गया एक उत्पाद है जिसे बच्चों के मस्तिष्क की संवेदनशीलता का फायदा उठाने के लिए बनाया गया है।"
इस कानून के दायरे में Meta, TikTok, Snap और YouTube जैसे दिग्गज प्लेटफॉर्म आएंगे। मेटा ने पहले ही कैलिफोर्निया और अन्य अमेरिकी राज्यों के साथ एक समझौते के तहत इसी तरह के सुरक्षा उपायों को लागू करने की सहमति व्यक्त की है। वहीं, यूरोपीय संघ (EU) भी इसी तरह के नियमों पर विचार कर रहा है, जहाँ यूरोपीय आयोग की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने स्पष्ट किया है कि समाज को एडिक्टिव सोशल मीडिया डिजाइन को स्वीकार करने की आवश्यकता नहीं है।
ऐतिहासिक रूप से, इंटरनेट रेगुलेशन केवल डेटा गोपनीयता (Privacy) तक सीमित था, लेकिन अब यह मानसिक स्वास्थ्य और संज्ञानात्मक विकास (Cognitive Development) के क्षेत्र में प्रवेश कर चुका है। यह कानून न केवल कैलिफोर्निया में, बल्कि दुनिया भर के अन्य देशों के लिए एक ब्लू-प्रिंट बन सकता है।
| विशेषता | ऑस्ट्रेलियाई दृष्टिकोण | कैलिफोर्निया दृष्टिकोण |
|---|---|---|
| रणनीति | पूर्ण आयु-आधारित प्रतिबंध | फीचर-आधारित प्रतिबंध |
| मुख्य लक्ष्य | पहुंच रोकना (Access Control) | डिजाइन सुधार (Design Reform) |
| प्रभावशीलता | कम (बायपास करना आसान) | उच्च (प्लेटफॉर्म इंजीनियरिंग पर प्रहार) |
Frequently Asked Questions
1. क्या यह कानून बच्चों के लिए सोशल मीडिया को पूरी तरह प्रतिबंधित करता है?
नहीं, यह पूर्ण प्रतिबंध नहीं है, बल्कि केवल उन फीचर्स (जैसे ऑटोप्ले और एल्गोरिदम) को रोकता है जो बच्चों में लत पैदा करते हैं।
2. इस कानून से कौन सी कंपनियां प्रभावित होंगी?
मुख्य रूप से Meta (Facebook, Instagram), TikTok, Snap और YouTube जैसे प्लेटफॉर्म प्रभावित होंगे।