प्रसिद्ध गेम डिजाइनर रैंडी स्मिथ एवरग्रीन ने तर्क दिया है कि 2010 के 'Alan Wake' के बाद ग्राफिक्स में सुधार की कोई आवश्यकता नहीं थी। उन्होंने आधुनिक 'ग्राफिक्स आर्म्स रेस' को एक अनावश्यक खर्च बताया है।
- रैंडी स्मिथ एवरग्रीन के अनुसार, 2010 का गेम 'Alan Wake' फोटोरियलिज्म के लिए पर्याप्त था।
- आधुनिक AAA गेम्स में ग्राफिक्स पर अत्यधिक खर्च को 'बेकार का विलासिता' बताया गया है।
- इमर्सिव सिम्स (Immersive Sims) जैसे गेम्स को ब्लॉकबस्टर विजुअल्स की जरूरत नहीं है।
गेमिंग जगत के दिग्गज और Thief: The Dark Project के पूर्व डिजाइनर रैंडी स्मिथ एवरग्रीन ने एक विवादास्पद बयान देकर उद्योग में चर्चा छेड़ दी है। स्मिथ का मानना है कि वीडियो गेम के विजुअल्स अब उस स्तर पर पहुँच चुके हैं जहाँ आगे किसी भी सुधार की कोई वास्तविक आवश्यकता नहीं है। उन्होंने उदाहरण के तौर पर Remedy के 2010 के गेम Alan Wake का जिक्र किया और कहा कि उस समय का ग्राफिक्स स्तर 'फोटोरियलिस्टिक' अनुभव के लिए पर्याप्त था।
एक हालिया साक्षात्कार में, स्मिथ ने कहा कि ग्राफिक्स की गुणवत्ता का कर्व अब 'अतार्किक' हो गया है। उनके अनुसार, जब खिलाड़ी को यह स्पष्ट रूप से समझ आ जाए कि वह कहाँ है—जैसे कि 'Alan Wake' में पैसिफिक नॉर्थवेस्ट का एक द्वीप—तो उससे अधिक विवरण देना केवल पैसों की बर्बादी है। उन्होंने इसे एक 'ग्राफिक्स आर्म्स रेस' करार दिया है, जहाँ कंपनियाँ केवल दिखावे के लिए करोड़ों डॉलर खर्च कर रही हैं।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह बहस गेमिंग उद्योग के बुनियादी ढांचे पर सवाल उठाती है। जब बजट का एक बड़ा हिस्सा केवल 'पत्थरों को 13% अधिक वास्तविक' दिखाने में खर्च होता है, तो गेमप्ले मैकेनिक्स और कहानी जैसे महत्वपूर्ण पहलू पीछे छूट जाते हैं। स्मिथ का तर्क है कि विशेष रूप से Immersive Sims श्रेणी के गेम्स के लिए, जहाँ अनुभव और वातावरण मुख्य होते हैं, वहां 'Ghost of Tsushima' जैसे स्तर के विजुअल्स की आवश्यकता नहीं होती।
"फिडेलिटी कर्व अब एक तमाशा बन गया है; एक बार जब आप माहौल को महसूस कर लेते हैं, तो उसके आगे सब कुछ केवल अतिरिक्त सजावट है।"
ऐतिहासिक रूप से देखें तो, ग्राफिक्स का विकास पिक्सेल आर्ट से शुरू होकर आज की रे-ट्रेसिंग तकनीक तक पहुँचा है। हालाँकि, कई पुराने डेवलपर्स का मानना है कि कलात्मक शैली (Art Style) तकनीकी सटीकता से कहीं अधिक महत्वपूर्ण होती है। स्मिथ का तर्क है कि बजट का गलत आवंटन गेमिंग के छोटे लेकिन समर्पित समुदायों के लिए हानिकारक हो सकता है।
| विशेषता | पारंपरिक दृष्टिकोण (AAA) | रैंडी स्मिथ का दृष्टिकोण |
|---|---|---|
| प्राथमिकता | अल्ट्रा-फोटोरियलिज्म | पर्याप्त विजुअल फिडेलिटी |
| बजट आवंटन | विजुअल इफेक्ट्स पर भारी खर्च | गेमप्ले और अनुभव पर ध्यान |
| लक्ष्य | तकनीकी श्रेष्ठता | वातावरण की अनुभूति (Vibe) |
Frequently Asked Questions
1. रैंडी स्मिथ के अनुसार कौन सा गेम ग्राफिक्स का मानक होना चाहिए?
उनके अनुसार, 2010 में रिलीज हुआ 'Alan Wake' वह मानक है जहाँ ग्राफिक्स पर्याप्त रूप से वास्तविक महसूस होते हैं।
2. क्या इसका मतलब है कि आधुनिक ग्राफिक्स बुरे हैं?
नहीं, वे शानदार हैं, लेकिन स्मिथ का तर्क है कि वे 'आवश्यक' नहीं हैं और उन पर होने वाला खर्च गेमिंग के अनुभव को वास्तव में नहीं बदलता।