गोल्डफैक्ट्री (GoldFactory) नामक खतरे के समूह ने एंड्रॉइड के 'वर्क प्रोफाइल' फीचर का उपयोग करके बैंकिंग ऐप्स की क्लोनिंग की है, जिससे लाखों डॉलर की चोरी हुई है। यह नया हमला सुरक्षा प्रणालियों को चकमा देने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- गोल्डफैक्ट्री समूह ने 'गिगाबड' (Gigabud) ट्रोजन का उपयोग करके बैंकिंग ऐप्स को क्लोन किया।
- एंड्रॉइड के 'वर्क प्रोफाइल' फीचर का इस्तेमाल सुरक्षा डिटेक्शन से बचने के लिए किया गया।
- इंडोनेशिया में लगभग 1,469 डिवाइस प्रभावित हुए और करीब $1 मिलियन का नुकसान हुआ।
- Vwork नामक ऐप का उपयोग करके बैंकिंग ऐप्स को एक अलग आइसोलेटेड वातावरण में कॉपी किया गया।
इंडोनेशिया वर्तमान में एक नए और खतरनाक एंड्रॉइड बैंकिंग मैलवेयर हमले का केंद्र बन गया है। साइबर सुरक्षा फर्म Group-IB के अनुसार, हमलावरों ने गूगल के 'वर्क प्रोफाइल' (Work Profile) फीचर का सहारा लिया है, जिसका उपयोग आमतौर पर कंपनियों द्वारा व्यक्तिगत और व्यावसायिक डेटा को अलग रखने के लिए किया जाता है। लेकिन अब, अपराधी इसका उपयोग बैंकिंग सुरक्षा नियंत्रणों को दरकिनार करने के लिए कर रहे हैं।
इस हमले के पीछे GoldFactory नामक एक चीनी भाषी खतरा समूह है, जो वित्तीय लाभ के लिए मोबाइल बैंकिंग पर हमला करता है। यह समूह Gigabud नामक बैंकिंग ट्रोजन का उपयोग करता है। एक बार जब यह मैलवेयर फोन में इंस्टॉल हो जाता है, तो यह उपयोगकर्ता से एक्सेसिबिलिटी परमिशन मांगता है और फिर चुपके से Vwork नामक एक ऐप इंस्टॉल करता है। Vwork वास्तव में 'Shelter' नामक ओपन-सोर्स ऐप का एक संशोधित संस्करण है।
यह कैसे काम करता है?
जब Vwork इंस्टॉल हो जाता है, तो यह फोन पर एक 'वर्क प्रोफाइल' बनाता है और मौजूदा बैंकिंग ऐप की एक क्लोन कॉपी इस प्रोफाइल में डाल देता है। क्योंकि वर्क प्रोफाइल व्यक्तिगत प्रोफाइल से पूरी तरह अलग होता है, इसलिए बैंक के सुरक्षा सिस्टम और एंटी-मैलवेयर टूल्स को यह संकेत नहीं मिल पाता कि ट्रांजेक्शन एक संक्रमित डिवाइस से हो रहा है। हमलावर स्क्रीन को काला (Black Screen) कर देते हैं ताकि यूजर को पता न चले कि उसके फोन पर लाइव ट्रांजेक्शन हो रहे हैं।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह हमला केवल तकनीकी खामी नहीं, बल्कि एक सोची-समझी रणनीति है। हमलावर अब यह समझ चुके हैं कि आधुनिक सुरक्षा प्रणालियाँ 'ऐप इंस्टेंस' के आधार पर जोखिम पहचानती हैं। प्रोफाइल को अलग करके, वे सुरक्षा सिग्नल और धोखाधड़ी वाले लेनदेन के बीच के संबंध को तोड़ देते हैं। यह तकनीक भविष्य में अन्य देशों में भी फैल सकती है जहाँ मोबाइल बैंकिंग का चलन अधिक है।
"मोबाइल बैंकिंग मैलवेयर एक वैश्विक खतरा है; हमलावर वहीं ध्यान केंद्रित करते हैं जहाँ डिजिटल भुगतान का उपयोग अधिक है और सोशल इंजीनियरिंग आसान है।"
इंडोनेशिया के अलावा, इस खतरे के निशान ब्राजील, कोलंबिया, मिस्र, फिलीपींस और थाईलैंड जैसे देशों में भी देखे गए हैं। इसके साथ ही, Mantax Otax नामक एक अन्य ट्रोजन भी इंडोनेशियाई उपयोगकर्ताओं को निशाना बना रहा है, जो इस क्षेत्र में साइबर हमलों की गंभीरता को दर्शाता है।
| विशेषता | सामान्य बैंकिंग ट्रोजन | GoldFactory (Gigabud + Vwork) |
|---|---|---|
| डिटेक्शन विधि | ऐप सिग्नेचर द्वारा पहचाना जाता है | वर्क प्रोफाइल के जरिए डिटेक्शन से बचता है |
| कार्यप्रणाली | सीधा डेटा चोरी या ओवरले | ऐप क्लोनिंग और आइसोलेटेड एनवायरनमेंट |
| उपयोगकर्ता दृश्यता | कभी-कभी संदिग्ध पॉप-अप | ब्लैक स्क्रीन के जरिए पूरी तरह छिपा हुआ |
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: मैं कैसे जान सकता हूँ कि मेरा फोन संक्रमित है?
यदि आपके फोन पर बिना आपकी अनुमति के एक 'Work Profile' बन गया है या आपके बैंकिंग ऐप की दो प्रतियाँ दिख रही हैं, तो यह एक बड़ा चेतावनी संकेत है।
प्रश्न 2: इस हमले से कैसे बचें?
किसी भी अनजान लिंक से ऐप डाउनलोड न करें और केवल आधिकारिक प्ले स्टोर का उपयोग करें। साथ ही, संदिग्ध ऐप्स को 'Accessibility' परमिशन न दें।