इंसाइट पार्टनर्स के सह-संस्थापक देविन पारेख ने बताया कि क्यों उनका $90 अर्ब प्रबंधन वाला फंड ओपनएआई और एंथ्रोपिक जैसे फ़्रंटियर एआई लैब्स में भारी दांव लगाने वाले अन्य वीसी फर्मों से अलग रहकर विविधीकरण पर टिके हैं। उन्होंने लेगॉरा जैसी डील्स के नुकसान, निवेश में टकराव और एआई के जोखिम‑फायदे पर भी खुलकर चर्चा की।
- इंसाइट पार्टनर्स $90 अर्ब एसेट्स के साथ भी कम शोर में रहता है।
- कंपनी ओपनएआई और एंथ्रोपिक दोनों में हिस्सेदारी रखती है, लेकिन शुरुआती दौर में नहीं।
- विविध पोर्टफोलियो रणनीति को वे जोखिम कम करने और रिटर्न बढ़ाने का तरीका मानते हैं।
देविन पारेख, जिन्होंने 26 सालों से इंसाइट पार्टनर्स को चलाया है, न्यूयॉर्क में टेकक्रंच के StrictlyVC इवेंट में वीसी दुनिया के तेज़ी से बदलते रुझानों पर खुली चर्चा कर रहे थे। पारेख ने बताया कि जबकि कई वेंचर कैपिटल फर्में ओपनएआई और एंथ्रोपिक जैसी कंपनियों में बड़े‑बड़े दांव लगा रही हैं, उनका फंड विविधीकरण पर टिके रहने के लिए जानबूझकर सावधानी बरतता है।
पारेख ने कहा, “एआई से जुड़ी जोखिमों में गैर‑राज्य अभिनेता द्वारा ओपन‑सोर्स मॉडल का दुरुपयोग शामिल है, लेकिन वही तकनीक दवाओं के विकास समय को घटाकर रोगों का इलाज कर सकती है। मैं इस पर दांव लगाता हूँ।” उन्होंने न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी लैंगोन के बोर्ड में अपनी भूमिका का उल्लेख करते हुए स्वास्थ्य‑डेटा विश्लेषण में एआई की सकारात्मक संभावनाओं को रेखांकित किया।
इंसाइट पार्टनर्स के पास $90 अर्ब एसेट्स‑अंडर‑मैनेजमेंट हैं, लेकिन पारेख ने बताया कि उनका “शोर‑मचाने वाला” रवैया नहीं, बल्कि पोर्टफ़ोलियो के प्रदर्शन को खुद बोलने देना प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, “हर वेंचर कैपिटलिस्ट खुद को विशेषज्ञ समझता है, पर हमें अपने निवेशकों को हमारे परिणामों से ही संतुष्ट करना है।”
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that पारेख की विविधीकरण रणनीति अन्य फर्मों की “ऑल‑इन” एआई बेतिंग के विपरीत एक स्थिर, जोखिम‑संतुलित निवेश मॉडल प्रस्तुत करती है, जिससे भविष्य में संभावित एआई‑संबंधी आर्थिक उतार‑चढ़ाव से बचाव हो सकता है।
“वित्तीय बाजारों में एआई का तेज़ी से विकास जोखिम को बढ़ाता है, लेकिन विविध पोर्टफ़ोलियो इसे संतुलित कर सकता है,” कहा एआई अर्थशास्त्री डॉ. रीना शेट्टी ने।
पारेख ने बताया कि लेगॉरा जैसी डील्स में हारना सामान्य है; “हमने उस डील को जनरल कैटालिस्ट को खो दिया, क्योंकि उन्होंने अपने वैल्यू प्रपोज़िशन को बेहतर पेश किया,” उन्होंने कहा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ओपनएआई को उपभोक्ता‑केन्द्रित और एंथ्रोपिक को एंटरप्राइज़‑केन्द्रित देखते हुए दोनों में हिस्सेदारी रखना रणनीतिक रूप से जोखिम‑विभाजन का हिस्सा है।
भौगोलिक दृष्टिकोण से, पारेख ने कहा कि एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रतिभा अभी भी सैन फ्रांसिस्को में केंद्रित है, जबकि वित्तीय‑सेवा एआई (जैसे रैम्प) न्यूयॉर्क में अधिक है। उनका मानना है कि “टैलेंट की घनत्व वर्टिकल के अनुसार बदलती है, इसलिए विविधीकरण सिर्फ तकनीक में नहीं, बल्कि स्थान में भी जरूरी है।”
Frequently Asked Questions
Q1: क्या इंसाइट पार्टनर्स भविष्य में एआई बायआउट पर विचार करेगा?
A: पारेख ने संकेत दिया कि जब बाजार स्थितियां अनुकूल हों और मूल्यांकन उचित हों, तब बायआउट रणनीति पर पुनः विचार किया जा सकता है।
Q2: क्यों कई वीसी ओपनएआई और एंथ्रोपिक में एक साथ निवेश नहीं कर पाते?
A: शुरुआती दौर में निवेश प्रतिबंध और प्रतिस्पर्धी हितों के कारण अक्सर फंडों को एक ही समय में दोनों कंपनियों में निवेश करने से रोकते हैं।