सिटी यूनिवर्सिटी ऑफ हांगकांग (CityUHK) के शोधकर्ताओं ने एक उन्नत eDNA झिल्ली विकसित की है जो समुद्री जीवों के डीएनए को अधिक सटीकता से पकड़ सकती है, जिससे मछली की प्रजातियों की पहचान करना आसान हो जाएगा।

  • वैज्ञानिकों ने MoS₂ सामग्री से बनी एक विशेष झिल्ली विकसित की है।
  • यह तकनीक समुद्री पानी में मौजूद बहुत कम मात्रा वाले डीएनए को भी कुशलता से पकड़ सकती है।
  • इस नवाचार से मछली की प्रजातियों और पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य की निगरानी में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।

हांगकांग: समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण और प्रबंधन के लिए वैज्ञानिकों ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। सिटी यूनिवर्सिटी ऑफ हांगकांग (CityUHK) के एक शोध दल ने एक ऐसी नई कार्यात्मक झिल्ली (functionalised membrane) का आविष्कार किया है जो पर्यावरणीय डीएनए (eDNA) को एकत्र करने की दक्षता को काफी बढ़ा देती है। यह तकनीक समुद्री जैव विविधता की निगरानी के लिए एक अत्यंत संवेदनशील और विश्वसनीय उपकरण प्रदान करती है।

पर्यावरणीय डीएनए (eDNA) वह आनुवंशिक सामग्री है जो जीव स्वाभाविक रूप से पानी में छोड़ते हैं, जैसे कि त्वचा की कोशिकाएं, बलगम और उत्सर्जन। पारंपरिक तरीकों में समुद्री जल में डीएनए की सांद्रता बहुत कम होने के कारण इसे पकड़ना कठिन होता था, लेकिन CityUHK की नई तकनीक इस बाधा को दूर करती है।

तकनीकी नवाचार: MoS₂ की भूमिका

इस शोध का नेतृत्व प्रोफेसर केनेथ लेउंग मेई-यी और प्रोफेसर ज़ेंग झियुआन ने किया। शोध टीम ने एक सामान्य झिल्ली की सतह पर 2D सामग्री मोलिब्डेनम डाइसल्फाइड (MoS₂) की एक अत्यंत पतली परत चढ़ाई। इस परत ने झिल्ली को पानी में डीएनए को अधिक प्रभावी ढंग से बांधने और पकड़ने में सक्षम बनाया है। यह अध्ययन प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय जर्नल National Science Review में प्रकाशित हुआ है।

यह झिल्ली सरल, लागत प्रभावी है और मौजूदा जल नमूना प्रक्रियाओं में सीधे एकीकृत की जा सकती है।

प्रयोगशाला और क्षेत्रीय परीक्षण के परिणाम

नियंत्रित प्रयोगशाला प्रयोगों में, शोधकर्ताओं ने इस झिल्ली का उपयोग करके उष्णकटिबंधीय कोरल रीफ मछलियों की विभिन्न प्रजातियों, जैसे कि Acanthurus dussumieri और Paracanthurus hepatus की सटीक पहचान की। इसके बाद, होई हा वान समुद्री पार्क में किए गए क्षेत्रीय परीक्षणों में भी इसके शानदार परिणाम मिले। नई झिल्ली ने एंचोवी और अन्य मछलियों की प्रजातियों का पता लगाने में सफलता प्राप्त की, जिससे मछली समुदाय के सटीक मूल्यांकन में मदद मिली।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि जैसे-जैसे जलवायु परिवर्तन समुद्री जीवन को प्रभावित कर रहा है, जैव विविधता की सटीक निगरानी करना पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। यह तकनीक उन क्षेत्रों में भी डेटा प्रदान कर सकती है जहाँ भौतिक रूप से मछलियों को पकड़ना या देखना कठिन है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

eDNA तकनीक पिछले कुछ वर्षों में तेजी से विकसित हुई है, लेकिन समुद्री वातावरण में इसकी प्रभावशीलता हमेशा एक चुनौती रही है। पहले के फिल्टर बहुत बड़े डीएनए अणुओं को तो पकड़ सकते थे, लेकिन समुद्री पानी में घुले सूक्ष्म आनुवंशिक संकेतों को पकड़ने में विफल रहते थे।

Did You Know?: eDNA तकनीक वैज्ञानिकों को बिना किसी मछली को पकड़े या नुकसान पहुँचाए पूरे समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र की 'फिंगरप्रिंटिंग' करने की अनुमति देती है।

Frequently Asked Questions

1. eDNA तकनीक क्या है?
यह पानी में मौजूद जीवों द्वारा छोड़े गए आनुवंशिक अंशों का विश्लेषण करके प्रजातियों की पहचान करने की विधि है।

2. यह नई झिल्ली पारंपरिक फिल्टर से बेहतर क्यों है?
MoS₂ की परत के कारण यह बहुत कम सांद्रता वाले डीएनए को भी मजबूती से पकड़ सकती है।