MRH टेक्नोलॉजीज ने जर्मन कंपनी Mann+Hummel के साथ मिलकर 'फिल्टर क्यूब' तकनीक पेश की है, जो दिल्ली जैसे प्रदूषित शहरों में हवा को साफ करने में सक्षम है। IIT दिल्ली के परीक्षणों में इस तकनीक ने प्रदूषण स्तर को 60-70% तक कम करने की क्षमता दिखाई है।
- MRH टेक्नोलॉजीज और जर्मन कंपनी Mann+Hummel ने भारत में 'फिल्टर क्यूब' लॉन्च किया।
- IIT दिल्ली के परीक्षण में प्रदूषण में 60-70% की कमी दर्ज की गई।
- यह उपकरण प्रति घंटे 17,500 घन मीटर शुद्ध हवा प्रदान करता है।
- इसमें सेंसर-आधारित ऑटोमेशन और रियल-टाइम डेटा डैशबोर्ड की सुविधा है।
दिल्ली और अन्य महानगरों में बढ़ते वायु प्रदूषण के संकट को देखते हुए, MRH Technologies Private Limited ने एक क्रांतिकारी समाधान पेश किया है। जर्मन बहुराष्ट्रीय कंपनी Mann+Hummel के साथ साझेदारी में, कंपनी ने 'फिल्टर क्यूब' (Filter Cube) वायु निस्पंदन तकनीक का अनावरण किया है। यह तकनीक विशेष रूप से उन क्षेत्रों के लिए डिज़ाइन की गई है जहाँ सड़क की धूल, धुआं और हानिकारक गैसों का स्तर अत्यधिक है।
यह तकनीक केवल एक उपकरण नहीं, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। कंपनी के प्रतिनिधियों के अनुसार, केवल सरकारी प्रयासों से प्रदूषण को नियंत्रित करना कठिन है; इसके लिए बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। 'फिल्टर क्यूब' मजबूर वायु परिसंचरण (forced air circulation) के माध्यम से काम करता है, जो नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और सल्फर डाइऑक्साइड जैसी घातक गैसों को सोखने में सक्षम है।
IIT दिल्ली द्वारा प्रमाणित प्रभावशीलता
इस तकनीक की प्रभावशीलता का प्रमाण IIT दिल्ली द्वारा किए गए हालिया परीक्षणों से मिलता है। सितंबर से नवंबर 2024 के बीच आयोजित इन परीक्षणों में यह पाया गया कि 'फिल्टर क्यूब' ने वायु प्रदूषण के स्तर में 60 से 70 प्रतिशत तक की कमी लाने में सफलता प्राप्त की है। यह डेटा उन शहरों के लिए एक बड़ी उम्मीद है जो लगातार स्मॉग और जहरीली हवा से जूझ रहे हैं।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए केवल नीतिगत बदलाव नहीं, बल्कि उच्च-स्तरीय तकनीकी हस्तक्षेप की तत्काल आवश्यकता है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत के शहरी केंद्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन अब एक विकल्प नहीं, बल्कि एक आवश्यकता बन गया है। 'फिल्टर क्यूब' का जर्मन डिजाइन और भारत में निर्माण (Make in India) का संयोजन इसे आर्थिक और तकनीकी रूप से व्यवहार्य बनाता है। यह तकनीक वास्तविक समय में डेटा प्रदान करने के लिए एक केंद्रीकृत डैशबोर्ड का उपयोग करती है, जिससे शहरी नियोजन में सुधार किया जा सकता है।
तकनीकी रूप से, यह उपकरण अत्यधिक उन्नत है। इसमें मौसम सेंसर लगे हैं जो बारिश के दौरान उपकरण को स्वतः बंद कर देते हैं, जिससे ऊर्जा की बचत होती है। साथ ही, इसमें एक 'नाइट मोड' भी है जो रात के समय बिजली की खपत को कम करता है। प्रत्येक इकाई प्रति घंटे लगभग 17,500 घन मीटर स्वच्छ हवा प्रदान करने की क्षमता रखती है।
Frequently Asked Questions
1. फिल्टर क्यूब किन गैसों को साफ करने में सक्षम है?
यह नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और सल्फर डाइऑक्साइड जैसी हानिकारक गैसों के साथ-साथ सड़क की धूल और धुएं को भी प्रभावी ढंग से साफ करता है।
2. क्या यह तकनीक भारत में निर्मित है?
हाँ, इसका डिजाइन जर्मनी में तैयार किया गया है, लेकिन इसका निर्माण और असेंबली भारत में ही की जाती है।