तिरुवनंतपुरम स्थित IIST के छात्रों ने एक सुदूर आकाशगंगा में हुए सुपरनोवा SN 2026aaiv की अद्भुत तस्वीर खींची है। यह विस्फोट पृथ्वी से लगभग 4.5 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर हुआ था।

  • IIST के 'सेलेस्टियल्स' क्लब ने सुपरनोवा SN 2026aaiv की सफल इमेजिंग की।
  • यह विस्फोट NGC 7331 नामक सर्पिल आकाशगंगा में हुआ है।
  • यह घटना पृथ्वी से लगभग 4.5 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर स्थित है।

तिरुवनंतपुरम स्थित भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान (IIST) के छात्रों ने खगोल विज्ञान की दुनिया में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। संस्थान के छात्र खगोल विज्ञान क्लब, जिसे 'सेलेस्टियल्स' के नाम से जाना जाता है, ने एक ऐसे तारे के महाविस्फोट (Supernova) की तस्वीर कैद की है, जो लगभग 4.5 करोड़ साल पहले हुआ था।

इस ऐतिहासिक क्षण को वैज्ञानिकों ने 'SN 2026aaiv' नाम दिया है। यह सुपरनोवा NGC 7331 नामक एक विशाल सर्पिल आकाशगंगा (Spiral Galaxy) में देखा गया है, जो पेगासस तारामंडल की दिशा में स्थित है। जब छात्र इस तस्वीर को देख रहे थे, तो वे वास्तव में ब्रह्मांड के उस अतीत को देख रहे थे जब पृथ्वी पर 'इओसीन युग' (Eocene epoch) का समय था।

खगोलीय दूरी और समय का खेल

प्रकाश वर्ष की अवधारणा को समझना यहाँ महत्वपूर्ण है। प्रकाश प्रति सेकंड लगभग 3,00,000 किलोमीटर की गति से चलता है। चूँकि यह सुपरनोवा हमसे 4.5 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर है, इसका मतलब है कि इस विस्फोट से निकलने वाले प्रकाश को पृथ्वी तक पहुँचने में 4.5 करोड़ साल लग गए। यानी, जो रोशनी आज IIST के टेलीस्कोप ने पकड़ी है, वह करोड़ों साल पहले अंतरिक्ष के अंधेरे को चीरती हुई निकल चुकी थी।

ब्रह्मांड की विशालता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हम आज जो देखते हैं, वह वास्तव में अतीत का एक प्रतिबिंब है।

इस खोज की शुरुआत 1 सितंबर को ATLAS सर्वे (NASA द्वारा वित्त पोषित) द्वारा की गई थी। इसके ठीक एक सप्ताह बाद, IIST के छात्र परमवीर सिंह और बासावरज मनुकरकर ने संस्थान के टेलीस्कोप कैमरा सिस्टम का उपयोग करके इस अद्भुत दृश्य को सफलतापूर्वक रिकॉर्ड किया।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इस तरह की उपलब्धियां न केवल भारत की अंतरिक्ष अनुसंधान क्षमताओं को प्रदर्शित करती हैं, बल्कि यह भी दर्शाती हैं कि छात्र स्तर पर की गई रिसर्च वैश्विक खगोल विज्ञान समुदाय में कितना महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है। यह डेटा भविष्य के खगोलीय मॉडलों को समझने में मदद करेगा।

तकनीकी रूप से, यह कोई साधारण तस्वीर नहीं है। यह 400 अलग-अलग फ्रेमों का एक संयोजन (Stack) है, जिसे डिजिटल रूप से मर्ज किया गया है ताकि शोर (Noise) को कम किया जा सके और विस्फोट की चमक को स्पष्ट रूप से दिखाया जा सके।

Did You Know?: जब यह तारा फटा था, तब पृथ्वी पर डायनासोरों का युग समाप्त हो चुका था और स्तनधारियों का विकास हो रहा था।

Frequently Asked Questions

1. सुपरनोवा क्या है?
जब एक विशाल तारा अपने जीवन के अंत में एक अत्यंत शक्तिशाली विस्फोट के साथ फटता है, तो उसे सुपरनोवा कहा जाता है।

2. यह विस्फोट कहाँ हुआ?
यह विस्फोट NGC 7331 नामक एक सर्पिल आकाशगंगा में हुआ है जो पृथ्वी से करोड़ों प्रकाश वर्ष दूर है।