नेशनल सेंटर फॉर बायोलॉजिकल साइंसेज (NCBS) 16 सितंबर को अपना वार्षिक ओपन डे आयोजित कर रहा है, जहाँ छात्र और जनता अत्याधुनिक अनुसंधान और वैज्ञानिकों से सीधे संवाद कर सकते हैं।
- NCBS वार्षिक ओपन डे 16 सितंबर, 2026 को GKVK परिसर में आयोजित किया जाएगा।
- सुबह का सत्र विशेष रूप से स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों के लिए आरक्षित है।
- दोपहर के बाद आम जनता के लिए बिना किसी पंजीकरण के प्रवेश निःशुल्क रहेगा।
- प्रमुख वैज्ञानिकों जैसे उमा रामकृष्णन और एल.एस. शशीधरा के व्याख्यान शामिल होंगे।
बेंगलुरु स्थित नेशनल सेंटर फॉर बायोलॉजिकल साइंसेज (NCBS) ने अपने आगामी वार्षिक 'ओपन डे' की घोषणा कर दी है। 16 सितंबर, 2026 को आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम विज्ञान प्रेमियों, छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए एक अनूठा मंच प्रदान करेगा। GKVK परिसर में आयोजित होने वाला यह उत्सव सुबह 9:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक चलेगा।
छात्रों के लिए विशेष सत्र और इंटरैक्टिव प्रदर्शनी
कार्यक्रम के पहले भाग को विशेष रूप से शैक्षणिक संस्थानों के लिए समर्पित किया गया है। स्कूल और कॉलेज के छात्र NCBS के शोधकर्ताओं द्वारा लगाए गए लगभग 30 स्टालों का अनुभव ले सकेंगे। इन स्टालों में अणुओं (molecules) से लेकर पूरे पारिस्थितिकी तंत्र (ecosystems) तक, जीव विज्ञान के विभिन्न स्तरों को प्रदर्शित करने वाली इंटरैक्टिव प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। यह छात्रों को किताबी ज्ञान से परे वास्तविक वैज्ञानिक प्रक्रियाओं को समझने का मौका देगा।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इस तरह के सार्वजनिक विज्ञान कार्यक्रम भारत में वैज्ञानिक साक्षरता और अनुसंधान के प्रति रुचि बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। NCBS जैसे संस्थानों का द्वार खोलना अकादमिक जगत और आम जनता के बीच की दूरी को कम करता है।
वैज्ञानिक अनुसंधान को प्रयोगशालाओं से निकालकर सार्वजनिक संवाद का हिस्सा बनाना ही भविष्य की पीढ़ी को प्रेरित करने का सबसे प्रभावी तरीका है।
दोपहर के सत्र में, कार्यक्रम को आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इसके लिए किसी पूर्व पंजीकरण की आवश्यकता नहीं है और प्रवेश पूरी तरह से निःशुल्क है। आगंतुक न केवल प्रदर्शनियों का आनंद ले सकेंगे, बल्कि NCBS के प्रतिष्ठित फैकल्टी सदस्यों द्वारा दिए जाने वाले सार्वजनिक व्याख्यानों में भी भाग ले सकेंगे।
प्रमुख वैज्ञानिक और व्याख्यान
इस वर्ष के ओपन डे में विज्ञान जगत की दिग्गज हस्तियां उपस्थित रहेंगी। कार्यक्रम में NCBS की प्रोफेसर उमा रामकृष्णन, भौतिक सिद्धांतों पर शोध करने वाले शशि थुपल्ली, और NCBS के निदेशक एल.एस. शशीधरा अपने विचार साझा करेंगे। ये सत्र शोध की गहराई और जैविक विज्ञान के भविष्य पर प्रकाश डालेंगे।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
NCBS भारत के प्रमुख जैविक अनुसंधान संस्थानों में से एक है, जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के सहयोग से कार्य करता है। यह संस्थान वैश्विक स्तर पर अपनी अत्याधुनिक सुविधाओं और उच्च स्तरीय शोध के लिए जाना जाता है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या ओपन डे में प्रवेश के लिए पंजीकरण आवश्यक है?
उत्तर: नहीं, दोपहर के बाद का सत्र आम जनता के लिए बिना किसी पंजीकरण के खुला है।
प्रश्न 2: क्या यह कार्यक्रम केवल छात्रों के लिए है?
उत्तर: नहीं, सुबह का सत्र छात्रों के लिए है, जबकि दोपहर का सत्र सभी के लिए खुला है।