पर्यटन मंत्री कुंडला दुर्गेश ने जनजातीय क्षेत्रों की पर्यटन क्षमता की पहचान करने और विशेष विकास योजनाएँ तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने इको‑टूरिज़्म, वेलनेस टूरिज़्म और पुरातात्विक धरोहर के संरक्षण पर बल दिया।
मुख्य बिंदु
- जनजातीय क्षेत्रों में पर्यटन संभावनाओं की त्वरित पहचान
- इको‑टूरिज़्म और वेलनेस टूरिज़्म को बढ़ावा
- पुरातात्विक धरोहर और संग्रहालयों का आधुनिकीकरण
आंध्र प्रदेश के पर्यटन मंत्री कुंडला दुर्गेश ने बुधवार को नई नियुक्त अधिकारियों के साथ सचिवालय में दो महत्वपूर्ण बैठकों का आयोजन किया। पहले बैठक में उन्होंने एपीटीडीसी के नए मैनेजिंग डायरेक्टर पटन शेट्टी और रवि सुबाष को जनजातीय क्षेत्रों की पर्यटन संभावनाओं की पहचान करने और विशेष विकास योजनाएँ तैयार करने का निर्देश दिया।
दुर्गेश ने इको‑टूरिज़्म और वेलनेस टूरिज़्म को पर्यावरणीय संतुलन को बिगाड़े बिना बढ़ावा देने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। उन्होंने सार्वजनिक‑निजी भागीदारी (PPP) के माध्यम से निवेश आकर्षित करने और पहले से हस्ताक्षरित समझौतों को तेज़ी से लागू करने का आह्वान किया।
दूसरी बैठक में उन्होंने राज्य के प्राचीन पुरातात्विक धरोहर, संग्रहालयों और ऐतिहासिक संरचनाओं के संरक्षण के लिए नई रणनीतियों पर चर्चा की। नए नियुक्त पुरातत्व एवं संग्रहालय आयुक्त रेवा मुथ्याला राजू ने धरोहर संरक्षण के लिए एक विशेष कार्य योजना तैयार करने का आश्वासन दिया।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that strengthening eco‑tourism and heritage projects in Andhra Pradesh could boost the state's GDP by up to 3% annually, while creating thousands of jobs in rural areas.
"सतत पर्यटन विकास और धरोहर संरक्षण दोनों ही आर्थिक विकास और सांस्कृतिक पहचान के दो प्रमुख स्तंभ हैं," कहा प्रो. अजय सिंह, पर्यटन विशेषज्ञ।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: नए पर्यटन योजनाओं में किन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी?
उत्तर: मुख्य रूप से द्वीप समूह, पहाड़ी जनजातीय बस्तियों और जल स्रोतों वाले क्षेत्रों को लक्ष्य बनाया गया है।
प्रश्न 2: संग्रहालयों के आधुनिकीकरण में कौन से तकनीकी उपाय अपनाए जाएंगे?
उत्तर: इंटरएक्टिव डिस्प्ले, वर्चुअल रियलिटी टूर और डिजिटल संग्रहण प्रणाली लागू की जाएगी।