दिल्ली में टैक्सी, टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर्स और टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ने ई20 ईंधन के प्रयोग के खिलाफ विरोध किया। उन्होंने बताया कि ई20 से पुराने वाहनों की माइलेज में 20% तक कमी आई है, जिससे संचालन लागत बढ़ रही है। संघ ने सरकार से वैकल्पिक ईंधन विकल्पों की मांग की है।
मुख्य बिंदु
- ई20 के उपयोग से टैक्सियों की माइलेज 20% तक घट रही है।
- रखरखाव लागत में वृद्धि, ऑपरेटर्स की मार्जिन घट रही है।
- संघ ने ई0, ई5 और ई10 के साथ ई20 की वैकल्पिक उपलब्धता की माँग की।
दिल्ली में लगभग 100 टैक्सी, टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर्स और टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन (DTTTTOA) के सदस्य मंगलवार को ई20 (20% इथेनॉल मिलाया पेट्रोल) के लागू होने के विरोध में मार्च करने की कोशिश में पुलिस की अनुमति न मिलने के कारण रजघाट पर रुक गए।
एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सम्राट ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के मंत्री नितिन गडकरी को विस्तृत प्रतिनिधित्व प्रस्तुत किया है, जिसमें ई20 की समीक्षा और वाणिज्यिक ऑपरेटर्स को प्रभावित करने वाले नियमों में व्यापक परिवर्तन की मांग की गई है।
गडकरी ने संसद में कहा था कि ई20 से वाहन की माइलेज 2%‑6% तक घट सकती है, परंतु संघ ने बताया कि पुराने वाहनों में यह गिरावट 20% तक पहुँच रही है, जिससे ईंधन लागत में भारी बढ़ोतरी हो रही है।
इतिहासिक पृष्ठभूमि: भारत में इथेनॉल ब्लेंडिंग का प्रयोग 2003 से शुरू हुआ, जब ई5 को राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया गया। 2025 में ई20 को लागू करने का लक्ष्य था, ताकि ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरणीय लाभ बढ़ें, लेकिन कई पुराने वाहन निर्माताओं ने अनुकूलता के मुद्दे उठाए हैं।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that reduced mileage directly squeezes profit margins of small transport operators, potentially leading to higher fares or reduced services, which can affect daily commuters and tourism revenue in the capital.
"यदि ईंधन की दक्षता घटेगी, तो छोटे व्यवसायों की स्थिरता पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा," कहा ऊर्जा विशेषज्ञ डॉ. अंजली मेहता ने।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: ई20 के उपयोग से टैक्सियों की माइलेज पर कितना असर पड़ता है?
उत्तर: संघ के आंकड़ों के अनुसार, पुराने वाहनों में माइलेज में 15‑20% की गिरावट देखी गई है।
प्रश्न 2: सरकार ने वैकल्पिक ईंधन विकल्पों के बारे में क्या कहा है?
उत्तर: वर्तमान में सरकार ने केवल ई20 को प्रमुख फ्यूल के रूप में प्रमोट किया है, लेकिन संघ ने ई0, ई5 और ई10 की उपलब्धता की मांग की है।