सावन की कांवड़ यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए मेरठ पुलिस ने डीजे संचालकों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब डीजे की ऊंचाई, चौड़ाई और बजने वाले गानों को लेकर बेहद कड़े नियम लागू होंगे।

मुख्य बातें

  • डीजे की ऊंचाई अधिकतम 12 फीट और चौड़ाई 10 फीट निर्धारित की गई है।
  • अश्लील, भड़काऊ और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले गानों पर पूर्ण प्रतिबंध।
  • निर्धारित कांवड़ मार्ग का पालन करना और यातायात बाधित न करना अनिवार्य है।
  • बिजली की लाइनों के पास विशेष सावधानी बरतने के निर्देश।

सावन 2026 की आगामी कांवड़ यात्रा को देखते हुए मेरठ पुलिस ने सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कमर कस ली है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने 50 से अधिक डीजे संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें यात्रा के दौरान पालन किए जाने वाले नियमों को स्पष्ट किया गया। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लाखों श्रद्धालुओं की यात्रा शांतिपूर्ण और दुर्घटनामुक्त हो सके।

डीजे सेटअप और ध्वनि सीमा पर सख्त नियंत्रण

पुलिस अधीक्षक (नगर) विनायक गोपाल भोसले ने स्पष्ट किया कि डीजे वाहनों का आकार अब एक सीमा में होगा। किसी भी डीजे सिस्टम की ऊंचाई 12 फीट और चौड़ाई 10 फीट से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा, ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए आवाज को निर्धारित मानकों के भीतर रखना अनिवार्य होगा। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों को अत्यधिक शोर से परेशानी न हो।

क्यों जरूरी हैं ये नियम?

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे वाहनों की अत्यधिक ऊंचाई अक्सर ओवरहेड बिजली की लाइनों से टकरा जाती है, जिससे जानलेवा दुर्घटनाएं हो सकती हैं। नियमों का उद्देश्य केवल नियंत्रण करना नहीं, बल्कि सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

कांवड़ यात्रा आस्था का पर्व है, और इसकी गरिमा बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

गानों के चयन पर प्रतिबंध: बैठक में सबसे महत्वपूर्ण निर्देश गानों को लेकर दिए गए। डीजे पर किसी भी प्रकार के अश्लील, आपत्तिजनक या धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले गाने बजाना सख्त मना है। यदि कोई संचालक ऐसा करते पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सुरक्षा और यातायात प्रबंधन

डीजे संचालकों को निर्देश दिया गया है कि वे केवल प्रशासन द्वारा निर्धारित कांवड़ मार्गों पर ही चलें। सड़क पर जाम लगाने या यातायात बाधित करने वाले वाहनों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी। साथ ही, बिजली की हाईटेंशन लाइनों के नीचे चलते समय विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।

क्या आप जानते हैं?: कांवड़ यात्रा के दौरान मेरठ और आसपास के क्षेत्रों में लाखों की संख्या में श्रद्धालु पैदल यात्रा करते हैं, जिससे यातायात प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बन जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. क्या डीजे की ऊंचाई पर कोई सीमा तय की गई है?
हाँ, डीजे की अधिकतम ऊंचाई 12 फीट और चौड़ाई 10 फीट निर्धारित की गई है।

2. क्या यात्रा के दौरान रूट बदला जा सकता है?
नहीं, डीजे वाहनों को केवल प्रशासन द्वारा तय किए गए निर्धारित मार्गों पर ही चलना होगा।