यूक्रेन में सैन्य भर्ती की प्रक्रिया अब हिंसा और भ्रष्टाचार के दलदल में फंसती जा रही है। 'बसिफिकेशन' के नाम पर पुरुषों को सड़कों से उठाकर जबरन सेना में भेजा जा रहा है, जिससे नागरिक आक्रोश बढ़ रहा है।

  • यूक्रेन में 'बसिफिकेशन' (सड़कों से उठाकर बसों में डालना) की घटनाएँ तेजी से बढ़ रही हैं।
  • भर्ती प्रक्रिया में भारी भ्रष्टाचार और फर्जी मेडिकल प्रमाणपत्रों का मामला सामने आया है।
  • भर्ती अधिकारियों और नागरिकों के बीच हिंसक झड़पें और हमले दर्ज किए गए हैं।
  • कानूनों में बदलाव के बाद ड्राफ्ट की उम्र 27 से घटाकर 25 वर्ष कर दी गई है।

यूक्रेन में युद्ध की लंबी अवधि ने देश के भीतर एक नया सामाजिक संकट पैदा कर दिया है। जिसे स्थानीय स्तर पर 'बसिफिकेशन' (Busification) कहा जा रहा है, वह अब केवल एक शब्द नहीं, बल्कि नागरिकों के लिए एक डर बन गया है। कीव की सड़कों पर चलते हुए अचानक पुलिस द्वारा पकड़ा जाना और सीधे सैन्य भर्ती केंद्रों की ओर ले जाया जाना अब आम बात हो गई है।

एक पीड़ित, एंटोन (नाम परिवर्तित), ने बताया कि कैसे उसे उसके घर के पास से पुलिस ने पकड़ा और एक ऐसे सैन्य केंद्र में ले जाया गया जहाँ खिड़कियों पर लोहे की सलाखें लगी थीं। एंटोन एचआईवी-पॉजिटिव है और उसे गठिया जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएँ हैं, जो उसे सेवा के लिए अयोग्य बनाती हैं, लेकिन फिर भी उसे मोर्चे पर भेजने की कोशिश की गई।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भर्ती की यह आक्रामक शैली न केवल नागरिक अधिकारों का उल्लंघन कर रही है, बल्कि यह देश के भीतर सामाजिक दरार भी पैदा कर रही है। जब लोग अपनी सुरक्षा के लिए घर से निकलने में डरने लगें, तो यह युद्ध के मनोवैज्ञानिक प्रभाव को दर्शाता है।

भर्ती की प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और भ्रष्टाचार का समावेश यूक्रेन के युद्ध प्रयासों के लिए आंतरिक खतरा बन सकता है।

हाल के महीनों में, भर्ती अधिकारियों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं भी बढ़ी हैं। पोलतावा और रिवने जैसे क्षेत्रों में भर्ती कार्यालयों में विस्फोट और अधिकारियों की हत्या की खबरें सामने आई हैं। यूक्रेन की सुरक्षा सेवा ने संकेत दिया है कि इनमें से कुछ घटनाओं के पीछे रूसी प्रभाव हो सकता है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

2022 में रूस के पूर्ण पैमाने पर आक्रमण के बाद, शुरुआती दौर में यूक्रेन में देशभक्ति की लहर थी और हजारों लोग स्वेच्छा से सेना में शामिल हुए। हालांकि, 2023 में जवाबी हमले की विफलता के बाद, सैनिकों की कमी महसूस होने लगी। इसके परिणामस्वरूप, अप्रैल 2024 में नए कानून लागू किए गए, जिसने ड्राफ्ट की उम्र कम कर दी और징罰 (जुर्माने) को पांच गुना बढ़ा दिया।भ्रष्टाचार का मुद्दा भी गहरा है। हाल ही में, यूक्रेन के अभियोजक जनरल एंड्री कोस्टिन के इस्तीफे के बाद यह खुलासा हुआ कि कई अधिकारियों ने फर्जी विकलांगता प्रमाणपत्रों का उपयोग करके खुद को ड्राफ्ट से बचाया।

Did You Know?: यूक्रेन में 'बसिफिकेशन' शब्द का उपयोग उन घटनाओं के लिए किया जाता है जहाँ पुरुषों को अचानक बसों में भरकर सैन्य शिविरों में भेज दिया जाता है।

भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार इतना व्याप्त है कि कई लोगों को अपनी जान बचाने या छूट पाने के लिए भारी रिश्वत देनी पड़ रही है। एंटोन जैसे कई मामलों में, लोगों ने वकीलों और 'फिक्सर्स' को हजारों डॉलर दिए, फिर भी उन्हें सुरक्षा नहीं मिल सकी।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: 'बसिफिकेशन' क्या है?
उत्तर: यह यूक्रेन में पुरुषों को सड़कों पर रोककर, उनकी जांच करने और उन्हें जबरन सैन्य भर्ती बसों में डालने की प्रक्रिया को कहा जाता है।

प्रश्न 2: नए भर्ती कानूनों ने क्या बदला है?
उत्तर: नए कानूनों ने ड्राफ्ट की उम्र 27 से घटाकर 25 कर दी है और सजाओं को सख्त बना दिया है।