भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगस्त महीने में औसत से कम बारिश का अनुमान जताया है। मानसून के दूसरे चरण में पश्चिमी भारत के प्रभावित होने और तापमान बढ़ने की आशंका है।
मुख्य बातें
- अगस्त में औसत से कम (94%) बारिश होने का अनुमान।
- पश्चिमी भारत में मानसून का प्रभाव कमजोर रहने की संभावना।
- अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की आशंका।
- एल नीनो की स्थिति मानसून के दूसरे चरण को प्रभावित कर सकती है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगस्त के महीने में देश के कई हिस्सों में 'सामान्य से कम' बारिश होने की संभावना है। पूर्वानुमान के अनुसार, अगस्त में वर्षा अपने दीर्घकालिक औसत के 94% के आसपास ही रह सकती है, जो मानसून के दूसरे चरण के कमजोर होने का संकेत है।
रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई में हुई अच्छी बारिश ने जून के दौरान पैदा हुए सूखे (deficit) की भरपाई तो कर दी है, लेकिन अगस्त और सितंबर के लिए स्थिति चुनौतीपूर्ण दिख रही है। विशेष रूप से पश्चिमी भारत के हिस्सों में मानसून की सक्रियता कम रहने की आशंका है, जिससे कृषि और जल प्रबंधन पर प्रभाव पड़ सकता है।
क्यों है यह महत्वपूर्ण?
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, मानसून का दूसरा चरण (अगस्त-सितंबर) भारत की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यदि बारिश का स्तर 94% से नीचे रहता है, तो खरीफ फसलों की पैदावार और भूजल स्तर पर इसका सीधा असर पड़ेगा। इसके अलावा, बढ़ते तापमान के कारण गर्मी और उमस का स्तर भी बढ़ सकता है।
मानसून का यह उतार-चढ़ाव एल नीनो और हिंद महासागर द्विध्रुव (IOD) के बीच के जटिल संतुलन का परिणाम है।
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि एल नीनो की मध्यम स्थिति प्रशांत महासागर में बनी हुई है, जो मानसून को कमजोर कर सकती है। हालांकि, सितंबर में 'पॉजिटिव IOD' के विकसित होने की संभावना है, जो बारिश में सुधार ला सकता है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
IMD के ऐतिहासिक आंकड़ों के अनुसार, अगस्त के महीने में वर्षा में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है। 1901 से अब तक के रिकॉर्ड बताते हैं कि अगस्त की बारिश में कोई एक निश्चित दीर्घकालिक प्रवृत्ति (trend) नहीं है, जिससे हर साल इसकी भविष्यवाणी करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. क्या अगस्त में गर्मी बढ़ेगी?
हाँ, IMD के अनुसार देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है।
2. किन क्षेत्रों में अच्छी बारिश हो सकती है?
पूर्वी प्रायद्वीपीय भारत, मध्य भारत और उत्तर-पूर्व के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है।