भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 6 अगस्त को केरल के सात जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती परिसंचरण के कारण भारी बारिश की संभावना है।

मुख्य बातें

  • केरल के 7 जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है।
  • भारी बारिश का मुख्य कारण बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण है।
  • मछुआरों को समुद्र में जाने से सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

केरल में मानसून की सक्रियता के कारण मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 6 अगस्त के लिए कसारगोड, कन्नूर, एर्नाकुलम, इडुक्की, कोट्टायम, पतनमथिट्टा और अलाप्पुझा में 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। इन क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है।

मौसम विज्ञानियों के अनुसार, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, दक्षिण तटीय तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण के संयुक्त प्रभाव से राज्य के कुछ हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश जारी रह सकती है। हालांकि पिछले 24 घंटों में चरम भारी बारिश की रिपोर्ट नहीं मिली है, लेकिन स्थानीय स्तर पर तीव्रता बनी हुई है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, केरल के तटीय और पहाड़ी इलाकों में इस तरह के मौसम का पैटर्न भूस्खलन और अचानक आने वाली बाढ़ (Flash Floods) के जोखिम को बढ़ा देता है। विशेष रूप से इडुक्की और कसारगोड जैसे जिलों में सावधानी बरतना अनिवार्य है।

चक्रवाती परिसंचरण के कारण समुद्र में लहरों की ऊंचाई 1.4 मीटर तक पहुंच सकती है, जिससे तटीय क्षेत्रों में खतरा बढ़ सकता है।

समुद्र के किनारे रहने वाले लोगों और मछुआरों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। थिरुवनंतपुरम, कोल्लम और अलाप्पुझा के तटों पर लहरों के बढ़ने की संभावना है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

केरल में मानसून का पैटर्न हाल के वर्षों में अधिक अनिश्चित और तीव्र हो गया है। बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती गतिविधियों के कारण अक्सर राज्य के विभिन्न हिस्सों में अत्यधिक वर्षा की घटनाएं देखी जाती हैं, जो बुनियादी ढांचे और कृषि के लिए बड़ी चुनौती पेश करती हैं।

क्या आप जानते हैं?: केरल का इडुक्की जिला अपनी कठिन भौगोलिक स्थिति के कारण भारी बारिश के दौरान भूस्खलन के प्रति सबसे संवेदनशील क्षेत्रों में से एक है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. किन जिलों में सबसे अधिक बारिश की चेतावनी है?
कसारगोड, कन्नूर, एर्नाकुलम, इडुक्की, कोट्टायम, पतनमथिट्टा और अलाप्पुझा में ऑरेंज अलर्ट है।

2. क्या मछुआरों को समुद्र में जाने की अनुमति है?
नहीं, लहरों के बढ़ते स्तर को देखते हुए मछुआरों को अत्यधिक सतर्क रहने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।