केरल के सात जिलों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कोंकण और तटीय क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश का अनुमान है।

मुख्य बातें

  • केरल के 7 जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है।
  • पतनमथिट्टा, अलाप्पुझा और वायनाड सहित कई क्षेत्र प्रभावित हो सकते हैं।
  • IMD ने अगले 24 घंटों में कम दबाव का क्षेत्र बनने की चेतावनी दी है।

केरल में मानसून की सक्रियता के कारण भारी बारिश का सिलसिला जारी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार को राज्य के सात जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी करते हुए बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। इन जिलों में पतनमथिट्टा, अलाप्पुझा, कोट्टायम, Kozhikode, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड शामिल हैं।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण गंगा के पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के पास एक चक्रवाती परिसंचरण (cyclonic circulation) बन रहा है। इसके प्रभाव से अगले 24 घंटों के भीतर बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी तटीय क्षेत्रों में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इस मौसमी बदलाव के कारण केरल और लक्षद्वीप के ऊपर चलने वाली हवाओं के चलते बारिश की तीव्रता और बढ़ सकती है।

क्यों है यह महत्वपूर्ण?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इस तरह के मौसम के पैटर्न से तटीय इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन का खतरा काफी बढ़ जाता है। भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की समस्या हो सकती है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त होने की आशंका है।

मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी हवाओं और उत्तर-पश्चिमी हवाओं के प्रभाव से आने वाले कुछ दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो कुमाराकोम में 14 सेमी, वैक्कम में 13 सेमी और कोट्टायम में 9 सेमी तक भारी बारिश दर्ज की गई है। प्रशासन ने नागरिकों को सतर्क रहने और तटीय क्षेत्रों में सावधानी बरतने की सलाह दी है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

केरल में मानसून का प्रभाव अक्सर चक्रवाती परिसंचरण और कम दबाव वाले क्षेत्रों द्वारा निर्धारित होता है। पिछले कुछ वर्षों में, जलवायु परिवर्तन के कारण केरल में अत्यधिक वर्षा की घटनाओं में वृद्धि देखी गई है, जिससे आपदा प्रबंधन टीमों को उच्च स्तर की तैयारी रखनी पड़ती है।

क्या आप जानते हैं?: केरल का भूगोल इतना विविध है कि यहाँ की पहाड़ियों पर होने वाली भारी बारिश अक्सर तटीय मैदानों में अचानक बाढ़ का कारण बनती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. किन जिलों में सबसे अधिक खतरा है?
पतनमथिट्टा, अलाप्पुझा, कोट्टायम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड में ऑरेंज अलर्ट है।

2. बारिश कब तक जारी रहने की उम्मीद है?
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है।