दिल्ली ने अगस्त के शुरुआती आठ दिनों में ही पूरे महीने की औसत बारिश के आंकड़े को पार कर लिया है, जहां अब तक 230.1 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले दो दिनों में और अधिक बारिश की चेतावनी जारी की है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- दिल्ली ने अगस्त के पहले 8 दिनों में 230.1 मिमी बारिश दर्ज की, जो मासिक औसत 226.8 मिमी से अधिक है।
- सफदरजंग वेधशाला ने शनिवार को समाप्त हुए 24 घंटों में 98.7 मिमी बारिश के साथ दो साल में सबसे गीला अगस्त का दिन दर्ज किया।
- मौसम विभाग ने अगले दो दिनों में दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इस साल मानसून अपने चरम पर है। सफदरजंग वेधशाला के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली ने अगस्त के शुरुआती आठ दिनों के भीतर ही पूरे महीने की अपनी औसत बारिश के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। इस अवधि के दौरान शहर में कुल 230.1 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य तौर पर अगस्त महीने का औसत 226.8 मिमी होता है।
शनिवार सुबह 8:30 बजे समाप्त हुए 24 घंटों में सफदरजंग मौसम केंद्र ने 98.7 मिमी बारिश दर्ज की, जो पिछले दो वर्षों में अगस्त के महीने में एक दिन में हुई सबसे अधिक बारिश है। इससे पहले, 1 अगस्त 2024 को दिल्ली में 107.6 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। दिल्ली में लगातार चौथे दिन भी बारिश का सिलसिला जारी रहा, जिससे कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है।
मौसम स्टेशनों के अनुसार बारिश के आंकड़े
दिल्ली के विभिन्न मौसम स्टेशनों ने इस मानसूनी बारिश के दौरान भारी आंकड़े दर्ज किए हैं। आयानगर मौसम स्टेशन ने सबसे अधिक बारिश दर्ज की, जिसके बाद पालम और सफदरजंग का स्थान रहा। नीचे दिए गए तुलनात्मक विवरण में विभिन्न क्षेत्रों की बारिश को दर्शाया गया है:
| मौसम स्टेशन (Weather Station) | 24 घंटे में दर्ज बारिश (मिमी) |
|---|---|
| आयानगर (Ayanagar) | 115.0 |
| पालम (Palam) | 104.6 |
| सफदरजंग (Safdarjung) | 98.7 |
| रिज (Ridge) | 89.8 |
| लोधी रोड (Lodhi Road) | 86.8 |
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि कम समय में अत्यधिक बारिश की यह प्रवृत्ति सीधे तौर पर जलवायु परिवर्तन और बदलते मानसूनी पैटर्न से जुड़ी है। दिल्ली जैसे महानगरों में इस तरह की तीव्र बारिश से शहरी बुनियादी ढांचे पर भारी दबाव पड़ता है। जल निकासी की पुरानी व्यवस्था इस अत्यधिक पानी को संभालने में असमर्थ साबित हो रही है, जिससे यातायात और सामान्य जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो जाता है।
"कम समय में अत्यधिक मानसूनी बारिश का होना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि भारतीय मानसून का मिजाज बदल रहा है। अब मासिक बारिश का कोटा कुछ ही दिनों में पूरा हो रहा है, जिससे शहरी क्षेत्रों में बाढ़ जैसी गंभीर स्थितियां पैदा हो रही हैं।" - वरिष्ठ मौसम विज्ञानी
अगले दो दिनों का पूर्वानुमान
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में अगले दो दिनों के दौरान हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। हालांकि बारिश की तीव्रता में थोड़ी कमी आ सकती है, लेकिन आसमान में बादल छाए रहेंगे और तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे दिल्लीवासियों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलती रहेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. दिल्ली में अगस्त महीने की औसत बारिश कितनी है?
1991-2020 के जलवायु आंकड़ों के आधार पर दिल्ली में अगस्त महीने की औसत वर्षा 226.8 मिमी है, जिसे इस वर्ष केवल 8 दिनों में पार कर लिया गया है।
2. इस मानसूनी स्पेल में दिल्ली के किस स्टेशन पर सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई?
इस अवधि के दौरान दिल्ली के आयानगर मौसम स्टेशन पर सबसे अधिक 115.0 मिमी बारिश दर्ज की गई है।