चेन्नई में रविवार शाम हुई तेज बारिश ने शहर के कई इलाकों को जलमग्न कर दिया है। मौसम विभाग ने मंगलवार तक रुक-रुक कर बारिश होने का अनुमान जताया है।

  • चेन्नई के अन्ना नगर वेस्ट में सर्वाधिक 48.3 मिमी बारिश दर्ज की गई।
  • राजीव गांधी सालई और GST रोड जैसे प्रमुख मार्गों पर जलभराव की स्थिति।
  • मौसम विभाग ने मंगलवार तक संवेदी गतिविधि (convective activity) के कारण बारिश का पूर्वानुमान लगाया है।

चेन्नई में रविवार शाम को हुई मध्यम से भारी बारिश ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (RMC) के अनुसार, संवेदी गतिविधि के कारण शहर और उसके आसपास के इलाकों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। रविवार का दिन काफी गर्म और आंशिक रूप से बादल छाए रहने वाला था, लेकिन शाम होते ही मौसम ने करवट ली और तेज बौछारें पड़ने लगीं।

मौसम कार्यालय से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, रविवार सुबह 6 बजे से रात 10 बजे के बीच शहर के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग मात्रा में वर्षा दर्ज की गई। अन्ना नगर वेस्ट में सबसे अधिक 48.3 मिमी बारिश हुई, जबकि कासिमेडु में 42.4 मिमी और वलसरवाकम में 41.4 मिमी बारिश दर्ज की गई। अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में ओक्कियम थोरापक्कम में 39.6 मिमी और चेन्नई सेंट्रल में 28.2 मिमी बारिश हुई।

शहर के प्रमुख इलाकों की स्थिति

बारिश का असर केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं था; शहर की सड़कों पर भी इसका स्पष्ट प्रभाव देखा गया। मीनाम्बक्कम, टी. नगर, ताम्बरम और चिंताद्रिपेट जैसे इलाकों में रुक-रुक कर तेज बौछारें पड़ती रहीं। इस दौरान कई गलियों में पानी बहता हुआ देखा गया, जिससे स्थानीय निवासियों को आवाजाही में कठिनाई हुई।

विशेष रूप से, राजीव गांधी सालई और GST रोड जैसे महत्वपूर्ण राजमार्गों पर जलभराव की समस्या फिर से उभर आई है। इन क्षेत्रों में जलभराव के कारण यातायात की गति धीमी हो गई और वाहन चालकों को भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि चेन्नई जैसे महानगर में मानसून के दौरान जलभराव की पुनरावृत्ति शहरी नियोजन और ड्रेनेज सिस्टम की कमियों को उजागर करती है। बार-बार होने वाला जलभराव न केवल यातायात को बाधित करता है, बल्कि आर्थिक गतिविधियों पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है।

मौसम विभाग के अनुसार, आगामी मंगलवार तक संवेदी गतिविधियों के कारण बारिश का सिलसिला बना रह सकता है, जिससे नागरिकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
Did You Know?: चेन्नई का बुनियादी ढांचा अक्सर मानसून के दौरान 'अर्बन फ्लडिंग' का सामना करता है, जो तेजी से बढ़ते शहरीकरण का परिणाम है।

Frequently Asked Questions

1. चेन्नई में कब तक बारिश होने की संभावना है?
मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार तक संवेदी गतिविधियों के कारण बारिश का पूर्वानुमान है।

2. किन इलाकों में सबसे ज्यादा बारिश हुई?
अन्ना नगर वेस्ट में सबसे अधिक 48.3 मिमी बारिश दर्ज की गई है।