दिल्ली में मंगलवार तड़के हुई मूसलाधार बारिश ने राजधानी की रफ्तार रोक दी है। कई इलाकों में 100 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई, जिससे सड़कों पर भारी जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा हो गई है।

  • अयानगर में सर्वाधिक 101.9 मिमी बारिश दर्ज की गई।
  • लुटियंस दिल्ली, आईटीओ और कनॉट प्लेस सहित कई प्रमुख इलाकों में जलभराव।
  • तापमान में भारी गिरावट, सभी मौसम केंद्रों पर तापमान सामान्य से नीचे।
  • वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 'संतोषजनक' श्रेणी में दर्ज।

नई दिल्ली: मंगलवार, 25 अगस्त 2026 की सुबह दिल्ली के लिए भारी मुसीबत लेकर आई। तड़के हुई मूसलाधार बारिश ने न केवल राजधानी के तापमान को गिरा दिया, बल्कि शहर के बुनियादी ढांचे की पोल भी खोल दी। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में दिल्ली के कई हिस्सों में 100 मिमी से अधिक बारिश हुई है, जिससे सड़कों पर पानी भर गया है और यातायात पूरी तरह से प्रभावित हुआ है।

बारिश का सबसे अधिक प्रभाव अयानगर में देखा गया, जहाँ 101.9 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके बाद द रिज (The Ridge) में 100.4 मिमी और सफदरजंग में 99.1 मिमी बारिश हुई। पलाम में सुबह 8 बजे तक 68 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। इस भारी बारिश के कारण लुटियंस दिल्ली के अशोक रोड, रायसीना रोड, और संसद मार्ग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में जलभराव की गंभीर स्थिति पैदा हो गई है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि दिल्ली में हर साल मानसून के दौरान जलभराव की यह समस्या शहरी नियोजन और ड्रेनेज सिस्टम की विफलता को दर्शाती है। जब भारी बारिश के साथ यातायात ठप होता है, तो इसका सीधा असर आर्थिक गतिविधियों और आपातकालीन सेवाओं पर पड़ता है।

लगातार हो रही अत्यधिक बारिश और जल निकासी की खराब व्यवस्था दिल्ली के शहरी बुनियादी ढांचे के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

जलभराव की स्थिति इतनी गंभीर थी कि सुप्रीम कोर्ट और AIIMS के आसपास के इलाकों में वाहनों को पानी के बीच से खींचते हुए देखा गया। आईटीओ, मोती बाग, कमला नगर और करोल बाग जैसे प्रमुख व्यावसायिक और आवासीय क्षेत्रों में भी सड़कों पर पानी भर गया, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

दिल्ली में मानसून के दौरान भारी बारिश की घटनाएं अक्सर होती हैं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में शहरीकरण के कारण कंक्रीट के बढ़ते जाल ने बारिश के पानी को जमीन में समाने से रोक दिया है। इससे प्राकृतिक जल निकासी मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं, जिससे मामूली बारिश में भी शहर 'टापू' में तब्दील हो जाता है।

क्षेत्र (Station)बारिश (mm)तापमान (Celsius)
अयानगर101.923.8
द रिज100.420.8
सफदरजंग99.123.5
पलाम68.021.8
Did You Know?: दिल्ली में बारिश के दौरान वायु गुणवत्ता (AQI) में सुधार होता है क्योंकि बारिश हवा में मौजूद प्रदूषकों को नीचे बैठा देती है।

Frequently Asked Questions

1. दिल्ली में सबसे ज्यादा बारिश कहाँ हुई?
IMD के अनुसार, अयानगर में सबसे अधिक 101.9 मिमी बारिश दर्ज की गई।

2. बारिश का दिल्ली के तापमान पर क्या असर पड़ा?
बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई और सभी मौसम केंद्रों पर तापमान सामान्य से 1.4 से 4.7 डिग्री सेल्सियस तक कम रहा।