बिहार के 27 जिलों में मौसम विभाग ने भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने का यलो अलर्ट जारी किया है। मानसून की कमी के बावजूद, गंगा के बढ़ते जलस्तर ने कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है।

  • बिहार के 27 जिलों में भारी बारिश और बिजली गिरने का 'यलो अलर्ट' जारी किया गया है।
  • गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर से बेगूसराय और भागलपुर के कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं।
  • इस मानसून सीजन में अब तक सामान्य से 42% कम बारिश दर्ज की गई है।
  • रक्षाबंधन के दौरान भी राज्य में बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना है।

बिहार में मानसून की सक्रियता के बीच मौसम विज्ञान केंद्र ने एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के 27 जिलों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की प्रबल संभावना है। इन क्षेत्रों में 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।

बाढ़ का खतरा और नदियों का बढ़ता स्तर

बारिश के इस दौर में बिहार की प्रमुख नदियों, विशेषकर गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। बेगूसराय के बलिया प्रखंड के भवानंदपुर, परमानंदपुर और भगतपुर जैसे इलाके पहले ही बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। वहीं, भागलपुर के दियारा इलाके में गंगा का पानी घुसने से स्थिति गंभीर हो गई है, जिससे स्थानीय निवासियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

मानसून की कमी और कृषि पर प्रभाव

एक ओर जहां बारिश का अलर्ट है, वहीं दूसरी ओर आंकड़ों ने चिंता बढ़ा दी है। इस मानसून सीजन में अब तक बिहार में बारिश का स्तर सामान्य से काफी नीचे रहा है। 26 अगस्त तक राज्य में 741.2 mm बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक केवल 428.6 mm ही रिकॉर्ड की गई है। यह लगभग 42% की भारी कमी है, जिसका सीधा असर राज्य की कृषि और फसलों पर पड़ रहा है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि बिहार की अर्थव्यवस्था काफी हद तक कृषि पर निर्भर है। मानसून की इस अनिश्चितता और कम वर्षा के कारण किसानों के सामने सिंचाई और फसल उत्पादन की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। साथ ही, अचानक होने वाली भारी बारिश और बाढ़ का संगम बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा सकता है।

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश का पैटर्न अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, लेकिन कम वर्षा के कारण मानसून की ताकत कमजोर दिख रही है।

आगामी त्योहारों, विशेषकर रक्षाबंधन के दौरान भी मौसम पूरी तरह साफ रहने की उम्मीद नहीं है। 28 अगस्त को भी राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रह सकते हैं और हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। पटना में भी अगले दो दिनों तक मौसम बदला रहेगा, जिससे तापमान में गिरावट आने से गर्मी से राहत मिल सकती है।

Did You Know?: बिहार में मानसून की कमी का असर न केवल फसलों पर बल्कि भूजल स्तर (Groundwater level) पर भी लंबे समय तक बना रहता है।

Frequently Asked Questions

1. बिहार के किन जिलों में बारिश का अलर्ट है?
मौसम विभाग ने राज्य के 27 जिलों में भारी बारिश और बिजली गिरने का यलो अलर्ट जारी किया है।

2. इस साल बिहार में कितनी कम बारिश हुई है?
इस मानसून सीजन में अब तक सामान्य से लगभग 42% कम बारिश दर्ज की गई है।