तमिलनाडु के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी का दौर जारी रहने वाला है, हालांकि कुछ तटीय और आंतरिक जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (RMC) ने तापमान में वृद्धि की चेतावनी दी है।
- तमिलनाडु के अधिकांश हिस्सों में सितंबर के मध्य तक भीषण गर्मी जारी रहने का अनुमान है।
- चेन्नई, नीलगिरी और थूथुकुडी में हल्की बारिश दर्ज की गई है।
- पलायमकोट्टई में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है।
- एल नीनो और समुद्र की सतह के गर्म होने को बढ़ते तापमान का मुख्य कारण माना जा रहा है।
तमिलनाडु के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी रहने की संभावना है। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (RMC) के अनुसार, सितंबर के मध्य तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में तपती गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, राहत की बात यह है कि उत्तर तटीय और कुछ आंतरिक जिलों में 8 सितंबर तक हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान लगाया गया है।
गुरुवार को चेन्नई, नीलगिरी और थूथुकुडी जिलों में हल्की बारिश दर्ज की गई। लेकिन, किसी भी महत्वपूर्ण मौसम प्रणाली के अभाव और कमजोर दक्षिण-पश्चिम मानसून के कारण, राज्य के अधिकांश हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक उच्च तापमान बना रहने की संभावना है। विशेष रूप से, पलायमकोट्टई में लगातार तीसरे दिन तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो अत्यधिक गर्मी का संकेत है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि मानसून की कमी और एल नीनो के प्रभाव के कारण दक्षिण भारत में तापमान का यह स्तर सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ है। यह न केवल स्वास्थ्य के लिए चुनौती है, बल्कि कृषि और जल संसाधनों पर भी इसका गहरा प्रभाव पड़ सकता है।
दक्षिण प्रायद्वीपीय क्षेत्र में कोई महत्वपूर्ण मौसम प्रणाली नहीं है, जिससे व्यापक वर्षा के बजाय केवल स्थानीय स्तर पर संवहनी वर्षा (convective rainfall) ही देखने को मिल रही है।
RMC के विशेषज्ञों के अनुसार, तमिलनाडु तट के साथ एक कमजोर 'ट्रफ' (trough) के कारण तटीय जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। तिरुचि और मदुरै जैसे आंतरिक क्षेत्र, जो वर्तमान में भीषण गर्मी झेल रहे हैं, शुक्रवार को संवहनी वर्षा का अनुभव कर सकते हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
इस वर्ष मानसून के दौरान तमिलनाडु ने कई गर्म दिनों का अनुभव किया है। जून में 15 दिन तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा, जबकि जुलाई में यह संख्या 20 तक पहुंच गई, जो हाल के वर्षों में सबसे अधिक है। अगस्त में भी आठ गर्म दिन दर्ज किए गए।
| महीना | 40°C से ऊपर गर्म दिनों की संख्या |
|---|---|
| जून | 15 दिन |
| जुलाई | 20 दिन |
| अगस्त | 8 दिन |
तापमान में इस वृद्धि के पीछे एल नीनो (El Niño) की स्थिति और समुद्र की सतह के बढ़ते तापमान को मुख्य कारक माना जा रहा है। मौसम विभाग को उम्मीद है कि 8 सितंबर के बाद पश्चिमी घाट और उत्तर तटीय जिलों में बारिश की तीव्रता में मामूली वृद्धि होगी।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: तमिलनाडु में गर्मी कब तक कम होगी?
उत्तर: मौसम विभाग के अनुसार, सितंबर के मध्य तक अधिकांश हिस्सों में गर्मी का प्रभाव बना रह सकता है।
प्रश्न 2: किन जिलों में बारिश की संभावना है?
उत्तर: चेन्नई के आसपास के क्षेत्र, नीलगिरी, थूथुकुडी और उत्तर तटीय जिलों में बारिश की संभावना है।