आंध्र प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून कमजोर बना हुआ है, जिससे राज्य में सामान्य से 46% कम वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में छिटपुट गरज के साथ हल्की बारिश की चेतावनी दी है।
- आंध्र प्रदेश में इस सीजन में अब तक 46% वर्षा की कमी दर्ज की गई है।
- तटीय आंध्र प्रदेश, यानम और रायलसीमा में मानसून कमजोर बना हुआ है।
- आने वाले दिनों में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाओं का अनुमान है।
आंध्र प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है। आंध्र प्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, शुक्रवार और शनिवार को राज्य के कुछ हिस्सों में बादलों की आवाजाही के साथ छिटपुट हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बारिश के दौरान 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मानसून का बिगड़ता गणित और वर्षा का घाटा
मौसम विज्ञान केंद्र, अमरावती के आंकड़ों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून तटीय आंध्र प्रदेश, यानम और रायलसीमा के ऊपर काफी कमजोर बना हुआ है। चिंताजनक बात यह है कि 1 जून से अब तक राज्य में कुल वर्षा केवल 207.8 मिमी दर्ज की गई है, जबकि सामान्य रूप से यह 388.1 मिमी होनी चाहिए थी। यह दर्शाता है कि राज्य वर्तमान में 46% के भारी वर्षा घाटे का सामना कर रहा है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह स्थिति?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि मानसून में यह कमी कृषि क्षेत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय हो सकती है। वर्षा का यह असंतुलन न केवल भूजल स्तर को प्रभावित करता है, बल्कि खरीफ की फसलों के लिए भी जोखिम पैदा करता है। तटीय क्षेत्रों और रायलसीमा दोनों में वर्षा का स्तर सामान्य से लगभग 45-46% कम है।
चूंकि चक्रवाती परिसंचरण सतह तक नहीं पहुंच रहा है, इसलिए इसका प्रभाव जमीनी स्तर पर सीमित है, जिसके कारण भारी बारिश की उम्मीद कम है।
विशाखापत्तनम स्थित चक्रवात चेतावनी केंद्र के प्रमुख, पी.एल.एन. मूर्ति ने बताया कि तटीय तमिलनाडु और बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक उच्च वायु चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। हालांकि, यह समुद्र तल से 7.6 किमी की ऊंचाई पर स्थित है। यदि यह परिसंचरण सतह से शुरू होता, तो राज्य में काफी अधिक वर्षा होती। वर्तमान में, यह केवल छिटपुट मध्यम बारिश तक ही सीमित है।
तापमान और क्षेत्रीय वितरण
गर्मी के मामले में नेल्लोर 38°C के साथ सबसे गर्म रहा। इसके बाद जंगमहेश्वरपुरम (37.3°C) और कडप्पा (37.2°C) का स्थान रहा। वर्षा के वितरण की बात करें तो प्राकसम जिले के राचरला में सर्वाधिक 3 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि कृष्णा जिले के मछलीपट्टनम और अवनिगडा में 2-2 सेंटीमीटर वर्षा हुई।
Frequently Asked Questions
1. आंध्र प्रदेश में मानसून की वर्तमान स्थिति क्या है?
वर्तमान में मानसून कमजोर है और राज्य में सामान्य से 46% कम वर्षा हुई है।
2. क्या आने वाले दिनों में भारी बारिश की संभावना है?
मौसम विभाग ने केवल छिटपुट हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है।