दिल्ली में भारी बारिश ने इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को जलमग्न कर दिया, जिससे कई उड़ानें रुक गईं। यात्रियों को टर्मिनल‑1 के पास जलस्तर वाले अंडरपास से गुजरना पड़ा, जबकि पालम में 3 घंटे में 72.2 मिमी बारिश दर्ज हुई।
- IGI हवाई अड्डे के एप्रोच रोड और फोरकोर्ट में जलजमाव
- पलाम में 3 घंटे में 72.2 मिमी बारिश, शहर में सबसे अधिक
- उड़ानों में देरी, कुछ उड़ानों का डायवर्ज़न, ट्रैफ़िक जाम
भारी बारिश ने दिल्ली के प्रमुख बिंदुओं को घेर लिया
नई दिल्ली में दोपहर के बाद तेज़ शॉवर ने कई इलाकों में जलभराव कर दिया, जिससे ट्रैफ़िक की स्थिति बिगड़ गई। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे के पास यात्रियों को स्थिर जल में पैर रख कर चलना पड़ा, जबकि टर्मिनल‑1 के नज़दीकी अंडरपास भी जलमग्न था।
हवाई अड्डे के आधिकारिक X (ट्विटर) खाते ने बताया कि "दोपहर की भारी बारिश के कारण एप्रोच रोड और फोरकोर्ट में पानी जमा हो गया, जिसे कुछ ही समय में पंपों से साफ़ किया गया।" लेकिन इस बीच उड़ानों में देरी और कुछ मामलों में डायवर्ज़न भी हुआ।
हवाई अड्डे के ऑपरेटर ने कहा, "खराब मौसम ने उड़ान संचालन को प्रभावित किया, जिससे कुछ फ्लाइट्स में देरी और डायवर्ज़न हुआ। हमारी ग्राउंड टीम सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ मिलकर यात्रियों को सहज अनुभव देने के लिए काम कर रही है।"
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that recurring waterlogging at major transport hubs like IGI can exacerbate economic losses, disrupt supply chains, and erode public confidence in urban infrastructure resilience.
"हवाई अड्डे की जल निकासी प्रणाली को अपग्रेड करने की तत्काल आवश्यकता है, नहीं तो भविष्य में ऐसी स्थितियाँ बार‑बार दोहराई जा सकती हैं," ने सिविल इंजीनियरिंग विशेषज्ञ डॉ. अनीता शर्मा कहा।
इतिहासिक पृष्ठभूमि
पिछले पाँच वर्षों में दिल्ली में मानसून के दौरान कई बार जलभराव की शिकायतें दर्ज हुई हैं। 2022 में IGI के टर्मिनल‑2 के पास भी समान समस्या सामने आई थी, जब 80 मिमी से अधिक बारिश ने टर्मिनल परिसर को प्रभावित किया था। इस प्रकार की घटनाएँ दर्शाती हैं कि मौजूदा जल निकासी ढाँचा शहरी विस्तार और बदलती जलवायु पैटर्न के साथ तालमेल नहीं बिठा पा रहा है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या IGI हवाई अड्डे की सभी उड़ानें रद्द हो गईं?
उत्तर: नहीं, कुछ उड़ानों को केवल देरी या डायवर्ज़न का सामना करना पड़ा; अधिकांश उड़ानें सुरक्षित रूप से संचालन जारी रखी गईं।
प्रश्न 2: यात्रियों को इस स्थिति में क्या करना चाहिए?
उत्तर: यात्रियों को आधिकारिक एयरलाइन्स की सूचनाओं पर नजर रखनी चाहिए, समय से पहले हवाई अड्डे पहुंचने की योजना बनानी चाहिए और जलजमाव वाले क्षेत्रों से बचना चाहिए।