राजस्थान में इस मानसून सीजन में सामान्य से 21% कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे राज्य के कई जिलों में सूखे जैसी स्थिति पैदा होने का खतरा मंडरा रहा है। चुरू सांसद राहुल कास्वान ने मुख्यमंत्री से प्रभावित गांवों का सर्वेक्षण करने की मांग की है।
- राजस्थान में अब तक सामान्य से 21.16% कम वर्षा दर्ज की गई है।
- पाली, जालोर और जैसलमेर जैसे जिले सबसे अधिक वर्षा की कमी का सामना कर रहे हैं।
- चूरू सांसद राहुल कास्वान ने सूखा प्रभावित क्षेत्रों के घोषित करने की मांग की है।
- जोधपुर और उदयपुर संभागों में वर्षा का स्तर काफी नीचे गिरा है।
राजस्थान में मानसून अपने अंतिम चरण में है, लेकिन इस वर्ष के आंकड़े चिंताजनक संकेत दे रहे हैं। मौसम विभाग के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 3 सितंबर के बीच राज्य में कुल 295.30 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो कि सामान्य स्तर (374.55 मिमी) से 21.16% कम है।
मौसम विभाग के विश्लेषण से पता चलता है कि राज्य के 21 जिले वर्षा की कमी का सामना कर रहे हैं, जबकि केवल 18 जिलों में सामान्य बारिश हुई है। केवल दो जिले, डीग (31.04%) और फलोदी (21.57%), ही अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्र में रहे हैं। अन्य अधिकांश जिले सूखे की कगार पर हैं।
क्यों यह चिंता का विषय है?
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, वर्षा का यह असंतुलन कृषि और भूजल स्तर के लिए गंभीर संकट पैदा कर सकता है। विशेष रूप से जोधपुर और उदयपुर संभागों में भारी गिरावट देखी गई है। जोधपुर में सामान्य से 32.87% कम और उदयपुर में 30.20% कम बारिश हुई है।
वर्षा का यह असमान वितरण राज्य की खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सीधे तौर पर प्रभावित करेगा।
राजनीतिक स्तर पर भी इस स्थिति ने हलचल पैदा कर दी है। चूरू के सांसद राहुल कास्वान ने मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा को पत्र लिखकर उन गांवों का तत्काल सर्वेक्षण करने की मांग की है जहां बारिश की भारी कमी है, ताकि उन्हें आधिकारिक रूप से 'सूखा प्रभावित' घोषित किया जा सके।
क्षेत्रीय वर्षा वितरण का तुलनात्मक विवरण
| संभाग/जिला | वर्षा की स्थिति (कमी/अधिकता) |
|---|---|
| पाली | 57.53% की कमी (सर्वाधिक) |
| जालोर | 50.46% की कमी |
| जैसलमेर | 49.32% की कमी |
| जोधपुर | 32.87% की कमी |
| बीकानेर | 3.81% की कमी (सामान्य के करीब) |
ऐतिहासिक रूप से देखा जाए तो 2025 की तुलना में यह वर्ष काफी खराब रहा है। पिछले वर्ष इसी अवधि तक 16 जिलों में अत्यधिक वर्षा दर्ज की गई थी, जबकि इस वर्ष मानसून के अंतिम चरण में भी स्थिति में सुधार के संकेत नहीं दिख रहे हैं। 3 सितंबर को राज्य में मात्र 0.19 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो आगामी दिनों के लिए अनिश्चितता पैदा करती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. राजस्थान के किस जिले में सबसे कम बारिश हुई है?
पाली जिले में सबसे अधिक 57.53% की वर्षा की कमी दर्ज की गई है।
2. क्या सरकार सूखे की घोषणा कर सकती है?
हाँ, सांसद राहुल कास्वान की मांग के अनुसार, यदि सर्वेक्षण में कमी पाई जाती है, तो सरकार प्रभावित क्षेत्रों को सूखा घोषित कर सहायता प्रदान कर सकती है।