बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण तटीय आंध्र प्रदेश में भारी बारिश का दौर जारी है। कुछ जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
- बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने से आंध्र प्रदेश में मानसून सक्रिय हुआ है।
- परवथपुरम-मान्यम और अल्लूरी सीता राम राजू जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
- विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम जैसे प्रमुख शहरों में भारी बारिश से जलभराव की स्थिति बनी।
तटीय आंध्र प्रदेश में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। बंगाल की खाड़ी में विकसित हुए एक कम दबाव के क्षेत्र के कारण, राज्य के कई हिस्सों में शनिवार को मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई है। यह बारिश पिछले तीन महीनों की सूखे जैसी स्थिति के बाद राहत लेकर आई है, लेकिन साथ ही कई शहरों में मुश्किलें भी पैदा कर दी हैं।
आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (APSDMA) के प्रबंध निदेशक प्रखर जैन के अनुसार, रविवार को भी अनाकापल्ली, पूर्व गोदावरी, पश्चिम गोदावरी, एनटीआर, कृष्णा, गुंटूर, बापटला और पलनाडू जिलों के कुछ हिस्सों में गरज के साथ मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, कम दबाव का यह क्षेत्र दक्षिण छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ रहा है, जिससे आने वाले 24 घंटों में मौसम का प्रभाव बना रहेगा।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि मानसून की यह देरी से आई सक्रियता कृषि और शहरी बुनियादी ढांचे दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। जहाँ एक ओर यह सूखे से राहत प्रदान करती है, वहीं दूसरी ओर अचानक होने वाली भारी बारिश शहरी जल निकासी प्रणालियों पर भारी दबाव डालती है, जैसा कि विजयवाड़ा में देखा गया।
मौसम विभाग के अनुसार, कम दबाव का क्षेत्र अगले 24 घंटों में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है, जिससे तटीय क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
शनिवार को विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम में सुबह से ही गरज के साथ तेज बारिश हुई। विजयवाड़ा के निचले इलाकों, विशेष रूप से पंडित नेहरू बस स्टेशन क्षेत्र में भारी जलभराव देखा गया, जिससे बेंज़ सर्कल और एनटीआर सर्कल जैसे प्रमुख चौराहों पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। वाहनों को घंटों जाम में फंसा रहना पड़ा।
भारी वर्षा का डेटा
पश्चिम गोदावरी और डॉ. बी.आर. अंबेडकर कोनसीमा जिलों में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई। पश्चिम गोदावरी के पेनुगोंडा में 108.2 मिमी और इरागवराम में 107 मिमी बारिश दर्ज की गई।
| जिला | अधिकतम वर्षा (mm) | प्रमुख क्षेत्र |
|---|---|---|
| पश्चिम गोदावरी | 108.2 | पेनुगोंडा, इरागवराम |
| कोनसीमा | 79.7 | मालिकपुरम |
| श्रीकाकुलम | 73.8 | कंचिली |
ऐतिहासिक रूप से देखा जाए तो, जुलाई और अगस्त में बने कई कम दबाव के क्षेत्रों ने आंध्र प्रदेश में व्यापक बारिश नहीं की थी, लेकिन इस बार की प्रणाली काफी प्रभावी साबित हो रही है। हालांकि, रायलसीमा क्षेत्र में अभी भी बारिश की गतिविधियों में कमी देखी जा रही है।
Frequently Asked Questions
1. किन जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है?
परवथपुरम-मान्यम और अल्लूरी सीता राम राजू जिलों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
2. क्या विजयवाड़ा में बाढ़ की स्थिति है?
भारी बारिश के कारण विजयवाड़ा के निचले इलाकों में जलभराव और यातायात जाम की स्थिति जरूर बनी है, लेकिन बड़े पैमाने पर बाढ़ की सूचना नहीं है।