पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बांग्लादेश की जेल में बंद हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास का मुद्दा उठाया है. चिन्मय दास की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं जब वे अपनी मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पांच घंटे की पेरोल पर रिहा हुए थे.

  • पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बांग्लादेश की जेल में बंद हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास का मुद्दा उठाया है.
  • चिन्मय दास को पांच घंटे की पेरोल पर रिहा किया गया था ताकि वे अपनी मां के अंतिम संस्कार में शामिल हो सकें.
  • उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं जब वे अपनी मां के शव से लिपटकर रो रहे थे.

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बांग्लादेश की जेल में बंद संत चिन्मय कृष्ण दास का मुद्दा उठाया है. शनिवार को राजारहाट गोपालपुर में गणेश पूजा के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए अधिकारी ने कहा कि पांच घंटे की पेरोल पर रिहा होने के बाद अपनी मां के अंतिम संस्कार में शामिल होते हुए चिन्मय कृष्ण की तस्वीरों ने दुनिया भर के सनातनियों को झकझोर कर रख दिया है.

चिन्मय दास की कहानी

चिन्मय कृष्ण नवंबर 2024 से बांग्लादेश में हिरासत में हैं. उन पर बांग्लादेश के खिलाफ कथित अपराधों का मामला चल रहा है. हाल ही में उन्हें अपनी मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने की इजाज़त दी गई थी. इसके लिए उन्हें 5 घंटे की परोली मिली थी. उनकी मां का पिछले हफ़्ते निधन हो गया था.

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the issue of Chinhmoy Das has brought attention to the plight of Hindus and other minorities in Bangladesh. The West Bengal government's move to raise this issue is seen as a significant step in highlighting the struggles of the Bengali Hindu community.

"The tears of Chinhmoy Das have shaken the conscience of the world," said a human rights activist.

Frequently Asked Questions

  • What is the current status of Chinhmoy Das?
  • Why is the West Bengal government raising this issue?
Did You Know?: Chinhmoy Das has been in detention in Bangladesh since November 2024.