हुथी विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के महत्वपूर्ण तेल प्रतिष्ठानों पर किए गए हमलों के बाद लाल सागर में समुद्री यातायात में भारी गिरावट आई है। बाब अल-मंडब जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही अब तक के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गई है।

मुख्य बिंदु

  • हुथी विद्रोहियों ने सऊदी अरब के जजान में अरामको रिफाइनरी और यानबू में निर्यात सुविधाओं पर ड्रोन हमले किए।
  • बाब अल-मंडब जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही साप्ताहिक 350 से घटकर 125 से भी कम रह गई है।
  • चीन की बड़ी राज्य-स्वामित्व वाली तेल कंपनियां सुरक्षा कारणों से लाल सागर के व्यापार से पीछे हट रही हैं।
  • लाल सागर और स्वेज नहर के कुल यातायात में 42.9% की भारी गिरावट दर्ज की गई है।

लाल सागर के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बाब अल-मंडब (Bab el-Mandeb) जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात में भारी कमी देखी जा रही है। यह गिरावट रविवार, 26 जुलाई, 2026 को हुथी विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के महत्वपूर्ण तेल प्रतिष्ठानों पर किए गए हमलों के बाद आई है। रिपोर्टों के अनुसार, इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच जलडमरूमध्य से केवल 11 जहाज ही गुजर पाए।

महत्वपूर्ण हमलों का विवरण

हुथी सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सारी ने पुष्टि की है कि उन्होंने सऊदी अरब के जजान में स्थित अरामको रिफाइनरी और यानबू में निर्यात सुविधाओं को निशाना बनाया है। उन्होंने इसे सऊदी अरब द्वारा यमन के हवाई क्षेत्र में किए गए ड्रोन हमलों का जवाब बताया। इन हमलों ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को हिलाकर रख दिया है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता पैदा हो गई है।

बूमिंग ट्रैफिक का अचानक थमना

लॉयड लिस्ट (Lloyd’s List) के आंकड़ों के अनुसार, लाल सागर में जहाजों का आवागमन नाटकीय रूप से गिर गया है। जहां अक्टूबर 2023 से पहले प्रति सप्ताह लगभग 500 जहाज इस मार्ग से गुजरते थे, वहीं जून 2026 तक यह संख्या घटकर मात्र 229 रह गई है, जो 63% की गिरावट दर्शाती है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि यह केवल एक क्षेत्रीय संघर्ष नहीं है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा खतरा है। जब प्रमुख समुद्री मार्ग बाधित होते हैं, तो शिपिंग लागत बढ़ती है और आपूर्ति श्रृंखला में देरी होती है। चीन जैसी बड़ी शक्तियों का इस क्षेत्र से पीछे हटना यह संकेत देता है कि जोखिम अब वाणिज्यिक लाभ से कहीं अधिक बड़ा हो गया है।

हुथी विद्रोहियों द्वारा लाल सागर को 'नो-गो ज़ोन' में बदलना वैश्विक व्यापार के लिए एक नया और खतरनाक अध्याय है।

इस संकट का असर भारत जैसे देशों पर भी पड़ रहा है। अमेरिका-भारत ऊर्जा व्यापार के लिए जहाजों को अब स्वेज नहर के बजाय अफ्रीका के केप ऑफ गुड होप मार्ग का उपयोग करना पड़ रहा है, जिससे यात्रा का समय और लागत दोनों बढ़ गए हैं।

क्या आप जानते हैं?: बाब अल-मंडब जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण 'चोकपॉइंट्स' में से एक है, जो लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है।

Frequently Asked Questions

1. हुथी विद्रोहियों ने किन संपत्तियों पर हमला किया?
हुथी विद्रोहियों ने सऊदी अरब के जजान में अरामको रिफाइनरी और यानबू में स्थित महत्वपूर्ण तेल निर्यात सुविधाओं पर हमला किया।

2. इस संकट का वैश्विक व्यापार पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
इससे शिपिंग लागत में वृद्धि होगी, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव आएगा और जहाजों को लंबे वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना पड़ेगा।