कनाडा के एक आंतरिक सरकारी रिपोर्ट ने खुलासा किया है कि कुछ भारतीय छात्र वर्क परमिट प्राप्त करने के लिए 'फर्जी विवाह' का सहारा ले रहे थे। ओटावा ने इस कानूनी खामी को भरने के लिए नियमों में कड़े बदलाव किए हैं।
मुख्य बातें
- भारतीय छात्र स्पौसल ओपन वर्क परमिट (SOWP) पाने के लिए 'समझौतावादी विवाह' कर रहे थे।
- कनाडा सरकार ने 2024 में नियमों में बदलाव कर इस कानूनी खामी को बंद कर दिया है।
- रिपोर्ट में भारतीय छात्रों की अंग्रेजी दक्षता और आवेदन की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए गए हैं।
कनाडा के एक हालिया आंतरिक सरकारी दस्तावेज़ से एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ भारतीय छात्र कनाडा में स्पौसल ओपन वर्क परमिट (SOWP) प्राप्त करने के लिए 'मैरिज ऑफ कन्वीनिएंस' यानी केवल कागजी या लेनदेन आधारित विवाह का सहारा ले रहे थे। इस प्रथा का मुख्य उद्देश्य जीवनसाथी को काम करने की अनुमति दिलाना था ताकि छात्र की शिक्षा और रहने के भारी खर्चों को वहन किया जा सके।
कनाडा के उच्चायोग, नई दिल्ली में प्रथम सचिव (प्रवासन) हान डुआन ने इमिग्रेशन, रिफ्यूज एंड सिटीजनशिप कनाडा (IRCC) के वरिष्ठ अधिकारियों को लिखे एक ईमेल में इस मुद्दे पर गंभीर चिंता जताई है। ईमेल में कहा गया है कि भारत में इन फर्जी विवाहों का खुलेआम विज्ञापन समाचार पत्रों और डेटिंग ऐप्स पर किया जा रहा था।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला केवल प्रवासन (migration) का नहीं, बल्कि एक बड़े संगठित आपराधिक नेटवर्क का है। जब से कनाडा में अध्ययन के साथ-साथ काम करने और स्थायी निवास (PR) का रास्ता खुला है, तब से अनैतिक एजेंटों ने छात्रों को गुमराह करना शुरू कर दिया है। कई परिवारों ने अपने बच्चों को कनाडा भेजने के लिए अपनी जमीन तक बेच दी, यह सोचकर कि यह एक सुनियोजित योजना है।
अनैतिक एजेंट छात्रों को चांद-तारे दिखाने का वादा करते थे, जिससे प्रवासन प्रणाली की अखंडता खतरे में पड़ गई।
ओटावा ने इस खामी को दूर करने के लिए 2024 में बड़े सुधार किए। अब, SOWP का लाभ केवल स्नातकोत्तर (postgraduate) और कुछ विशिष्ट डॉक्टरेट कार्यक्रमों के छात्रों के जीवनसाथी को ही मिल सकेगा। स्नातक (undergraduate) स्तर के अधिकांश छात्रों के लिए इस सुविधा को समाप्त कर दिया गया है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
पहले, स्पौसल ओपन वर्क परमिट कार्यक्रम का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय छात्रों के परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान करना था। हालांकि, जैसे-जैसे कनाडा में रहने की लागत बढ़ी, इस नीति का दुरुपयोग करने वालों की संख्या में भी वृद्धि हुई, जिससे अंततः कनाडा सरकार को अपनी नीतियों को सख्त करने पर मजबूर होना पड़ा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. क्या अब भी भारतीय छात्र अपने जीवनसाथी के लिए वर्क परमिट ले सकते हैं?
हाँ, लेकिन अब यह केवल उन छात्रों के लिए सीमित है जो उच्च स्तर के स्नातकोत्तर या डॉक्टरेट कार्यक्रमों में नामांकित हैं।
2. सरकार ने नियमों में बदलाव क्यों किया?
विवाह के नाम पर हो रहे फर्जीवाड़े और प्रवासन प्रणाली की अखंडता बनाए रखने के लिए ये बदलाव किए गए हैं।