ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक अमेरिका उनकी मांगों को पूरा नहीं करता, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला जाएगा। ईरान ने युद्ध के नुकसान के लिए मुआवजे और प्रतिबंधों को हटाने की मांग की है।
मुख्य बातें
- ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को 'युद्ध का क्षेत्र' घोषित किया है।
- अमेरिका से युद्ध के नुकसान के लिए मुआवजे और प्रतिबंधों को हटाने की मांग की गई है।
- हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब के बंदरगाहों पर समानांतर नाकाबंदी की घोषणा की है।
- तुर्की, पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच नया रक्षा समझौता हुआ है।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने रविवार को एक कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि वे तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से नहीं खोलेंगे, जब तक कि संयुक्त राज्य अमेरिका उनकी मांगों को स्वीकार नहीं कर लेता। ईरान की इन मांगों में युद्ध से हुए नुकसान के लिए भारी मुआवजा देना और ईरान पर लगे प्रतिबंधों को पूरी तरह से हटाना शामिल है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह घटना?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की जीवन रेखा है। यदि यह मार्ग लंबे समय तक बंद रहता है, तो वैश्विक तेल कीमतों में भारी उछाल आ सकता है और वैश्विक अर्थव्यवस्था में अस्थिरता पैदा हो सकती है। ईरान ने इस जलमार्ग को अब केवल एक व्यापारिक मार्ग नहीं, बल्कि एक 'युद्ध का क्षेत्र' बना दिया है।
होर्मुज का बंद होना वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक अभूतपूर्व खतरा है, जो सीधे तौर पर वैश्विक महाशक्तियों के बीच तनाव को बढ़ाएगा।
ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहम्मद बागेर ज़ोलघद्र ने शनिवार को शर्तों की एक सूची पेश की थी। इसमें लेबनान, फिलिस्तीन, यमन और इराक में ईरान और उसके सहयोगियों के खिलाफ चल रहे 'युद्ध और आक्रामकता' को समाप्त करने की मांग की गई है। साथ ही, ईरान ने अमेरिकी जवाबी नाकाबंदी को हटाने और जमी हुई संपत्ति को मुक्त करने की भी मांग की है।
क्षेत्रीय तनाव और हूती हमला
ईरान के इस कदम के साथ ही यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब के बंदरगाहों पर समानांतर नाकाबंदी की घोषणा कर दी है। हूतियों ने दावा किया है कि उन्होंने सऊदी अरब के एक तेल संयंत्र पर हमला किया है। इस बीच, संयुक्त अरब अमीरात ने भी ईरान पर अपने एक राष्ट्रीय तेल टैंकर पर हमले का आरोप लगाया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. ईरान ने अमेरिका के सामने क्या मुख्य मांगें रखी हैं?
ईरान ने युद्ध के नुकसान के लिए मुआवजा, प्रतिबंधों की समाप्ति, जमी हुई संपत्ति की वापसी और क्षेत्रीय सहयोगियों पर हमलों को रोकने की मांग की है।
2. होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने का क्या प्रभाव पड़ेगा?
इसके बंद होने से वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित होगी, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में भारी वृद्धि और वैश्विक आर्थिक संकट पैदा हो सकता है।