पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच शहबाज शरीफ सरकार ने अपना रुख पूरी तरह बदल लिया है। जो प्रदर्शनकारी कल तक सरकार की चुनौती थे, उन्हें अब 'देशभक्त' कहा जा रहा है और बातचीत का न्योता दिया गया है।
मुख्य बिंदु
- शहबाज सरकार ने PoK प्रदर्शनकारियों को 'देशभक्त' करार दिया।
- संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के साथ बातचीत का प्रस्ताव दिया गया।
- सरकार का रुख 'आतंकी तत्वों की मौजूदगी' के दावे से बदलकर 'संवाद' की ओर मुड़ गया है।
- UN ने भी PoK में मानवाधिकारों और हिंसा को लेकर चिंता जताई है।
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पिछले दो महीनों से जारी भारी जनआक्रोश के सामने शहबाज शरीफ सरकार को बैकफुट पर आना पड़ा है। एक नाटकीय बदलाव में, सरकार ने उन प्रदर्शनकारियों के प्रति नरम रुख अपनाया है, जिन्हें कुछ समय पहले तक कानून-व्यवस्था के लिए खतरा माना जा रहा था।
शहबाज सरकार के सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने एक चुनावी सभा के दौरान बड़ा बयान देते हुए कहा कि संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) से जुड़े 99 प्रतिशत लोग 'देशभक्त' हैं। उन्होंने यह भी वादा किया कि यदि उनकी पार्टी को PoK में दो-तिहाई बहुमत मिलता है, तो वे सबसे पहले JAAC के प्रतिनिधियों के साथ बैठकर उनकी मांगों पर चर्चा करेंगे।
क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह सरकार की रणनीति में एक बड़ा और रणनीतिक बदलाव है। कुछ ही दिनों पहले तक, PML(N) का दावा था कि इन आंदोलनों के पीछे प्रतिबंधित आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान के तत्व शामिल हैं। अब अचानक उन्हें 'देशभक्त' कहना यह दर्शाता है कि सरकार चुनावी दबाव और बिगड़ते हालातों से घबरा गई है।
राजनीतिक दबाव और चुनावी समीकरणों ने पाकिस्तान सरकार को अपनी कठोर नीति त्यागकर संवाद की मेज पर आने को मजबूर कर दिया है।
विवाद की जड़ में 12 शरणार्थी सीटों को खत्म करने की मांग और स्थानीय प्रशासन का दबदबा शामिल है। JAAC का आरोप है कि इन सीटों का उपयोग सत्ता बनाए रखने के लिए किया जाता है। हालांकि, सरकार इन आरोपों को खारिज करती रही है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा स्थिति पर चिंता जताने के बाद दबाव और बढ़ गया है।
विवाद का मुख्य कारण
| पक्ष | JAAC का दावा | सरकार का रुख |
|---|---|---|
| मौतों का आंकड़ा | 400 से अधिक प्रदर्शनकारी मारे गए | आंकड़े बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए गए |
| आंदोलन का स्वरूप | जनता का शांतिपूर्ण विरोध | आतंकी तत्वों की उपस्थिति का संदेह |
| मुख्य मांग | 12 शरणार्थी सीटों का उन्मूलन | कानून-व्यवस्था बनाए रखना |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. JAAC क्या है?
संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) PoK में छात्र, व्यापारी और वकीलों का एक संगठन है जो स्थानीय अधिकारों के लिए आंदोलन कर रहा है।
2. सरकार का नया रुख क्या है?
सरकार अब प्रदर्शनकारियों को 'देशभक्त' बता रही है और उनके साथ बातचीत करने की इच्छा जता रही है।