इजरायल के दक्षिणपंथी मंत्री इतामार बेन-गविर ने गाजा में सैन्य अभियान को तेज करने और हर रात बड़ी संख्या में फिलिस्तीनियों को मारने की विवादास्पद मांग की है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आक्रोश फैल गया है।
मुख्य बिंदु
- सुरक्षा मंत्री बेन-गविर ने गाजा में nightly 'कोटा' तय करने की मांग की।
- उन्होंने तर्क दिया कि वर्तमान सैन्य कार्रवाई पर्याप्त रूप से आक्रामक नहीं है।
- इस बयान से बेंजामिन नेतन्याहू सरकार के भीतर आंतरिक कलह और बढ़ गई है।
इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गविर ने एक बार फिर अपने कट्टरपंथी बयानों से दुनिया को चौंका दिया है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, बेन-गविर ने इजरायली सेना से मांग की है कि वे गाजा पट्टी में अपनी रणनीति बदलें और हर रात कम से कम 30 से 40 फिलिस्तीनियों को निशाना बनाकर मारें।
बेन-गविर, जो अपने चरम दक्षिणपंथी विचारों के लिए जाने जाते हैं, का मानना है कि इजरायल केवल तभी जीत सकता है जब वह दुश्मन पर अत्यधिक दबाव डाले। उनके इस बयान ने न केवल मानवाधिकार संगठनों को बल्कि इजरायल के अपने सहयोगियों को भी चिंतित कर दिया है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि बेन-गविर के ये बयान केवल व्यक्तिगत राय नहीं हैं, बल्कि इजरायली राजनीति के भीतर बढ़ते उस कट्टरपंथ का प्रतिबिंब हैं जो युद्ध के समाधान के बजाय और अधिक हिंसा की वकालत करता है। यह नेतन्याहू प्रशासन के भीतर एक गहरे विभाजन को दर्शाता है, जहाँ एक तरफ सैन्य रणनीति है और दूसरी तरफ राजनीतिक कट्टरता।
"इस तरह के बयान अंतरराष्ट्रीय कानून और युद्ध अपराधों की श्रेणी में आते हैं, जो भविष्य में इजरायल के लिए कानूनी चुनौतियां पैदा कर सकते हैं।"
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
इतामार बेन-गविर का इतिहास विवादों से भरा रहा है। उन्हें अतीत में यहूदी चरमपंथ को बढ़ावा देने के आरोपों का सामना करना पड़ा है। गाजा संघर्ष के दौरान, वे लगातार ऐसे कदम उठाने की मांग करते रहे हैं जो अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा अस्वीकार्य माने जाते हैं, जिसमें गाजा की पूरी तरह से घेराबंदी और वहां बस्तियों का पुनर्निर्माण शामिल है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: क्या इजरायली सरकार ने इस बयान का समर्थन किया है?
उत्तर: आधिकारिक तौर पर प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने इस विशिष्ट 'कोटा' प्रणाली का समर्थन नहीं किया है, लेकिन सरकार के भीतर दक्षिणपंथी प्रभाव मजबूत है।
प्रश्न 2: अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया क्या रही है?
उत्तर: साल्ज़बर्ग के IKG अध्यक्ष जैसे कई वैश्विक नेताओं ने बेन-गविर को तुरंत बर्खास्त करने की मांग की है।