केरल के ADGP एम.आर. अजिथ कुमार ने अपने निलंबन को चुनौती देते हुए केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उन्हें DGP पद की दौड़ से बाहर करने के लिए यह साजिश रची गई है।
मुख्य बातें
- ADGP एम.आर. अजिथ कुमार ने अपने निलंबन को दुर्भावनापूर्ण बताया।
- आरोप है कि निलंबन का उद्देश्य उन्हें DGP पद की पदोन्नति से रोकना है।
- CAT ने फिलहाल निलंबन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है।
- मामले की अगली सुनवाई 20 अगस्त, 2026 को तय की गई है।
केरल के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और ADGP एम.आर. अजिथ कुमार ने अपनी सेवा से निलंबन के आदेश को चुनौती देते हुए केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) में एक याचिका दायर की है। अजिथ कुमार का तर्क है कि यह निलंबन पूरी तरह से दुर्भावनापूर्ण है और इसका एकमात्र उद्देश्य उन्हें आगामी पुलिस महानिदेशक (DGP) के पद के लिए विचार किए जाने से रोकना है।
याचिका में कहा गया है कि उन्हें DGP पद के लिए विचार किए जाने से ठीक सात दिन पहले निलंबित कर दिया गया। अजिथ कुमार के वकील, गिरिजा गोपाल ने तर्क दिया कि मुख्य सचिव द्वारा जारी किया गया निलंबन आदेश अधिकार क्षेत्र से बाहर था। अधिकारी का दावा है कि यह कदम उनके पदोन्नति के वैध अधिकार को खत्म करने के लिए उठाया गया है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला?
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह मामला प्रशासनिक निष्पक्षता और उच्च पदस्थ अधिकारियों की पदोन्नति प्रक्रियाओं में पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाता है। यदि एक वरिष्ठ अधिकारी को महत्वपूर्ण पदोन्नति से ठीक पहले निलंबित किया जाता है, तो यह पुलिस विभाग के भीतर राजनीतिक हस्तक्षेप की धारणा को मजबूत करता है।
"अधिकारियों के निलंबन की समय सीमा अक्सर उनके करियर के महत्वपूर्ण मोड़ों पर देखी जाती है, जो प्रशासनिक निष्पक्षता पर संदेह पैदा करती है।"
यह विवाद तब शुरू हुआ जब राज्य सरकार ने एक SIT रिपोर्ट के आधार पर उन्हें निलंबित किया। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि उन्होंने 2023 के 'नवा केरल सडा यात्रा' के दौरान हुए विवाद में जांच में हस्तक्षेप किया और एक 'रेफर रिपोर्ट' दाखिल करने के लिए दबाव डाला। हालांकि, अजिथ कुमार ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि SIT की रिपोर्ट उन्हें फंसाने का एक सोची-समझी कोशिश है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
दिसंबर 2023 में, मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के सुरक्षा दल के सदस्यों और यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प के बाद जांच शुरू हुई थी। इसी मामले में SIT ने अजिथ कुमार की भूमिका पर सवाल उठाए थे, जिसे वे एक सुनियोजित षड्यंत्र मान रहे हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. अजिथ कुमार ने निलंबन को क्यों चुनौती दी है?
उनका कहना है कि यह उन्हें DGP बनने से रोकने के लिए एक साजिश है।
2. CAT का इस पर क्या निर्णय आया?
CAT ने निलंबन पर तत्काल रोक लगाने से इनकार कर दिया है और मामले की सुनवाई 2026 के लिए टाल दी है।