केरल के मलयट्टूर और वझाचल वन क्षेत्रों में पिछले साल मृत पाए गए 14 हाथियों में से आठ के शवों से हाथीदांत और टुश गायब होने का खुलासा हुआ है। एसआईटी ने शिकार की संभावना से इनकार किया है, लेकिन मामला गहराता जा रहा है।
मुख्य बातें
- मलयट्टूर और वझाचल वन क्षेत्रों में 14 में से 8 हाथियों के शवों से हाथीदांत गायब मिले हैं।
- एसआईटी (SIT) ने शिकार या जहर दिए जाने जैसी मानवीय गतिविधियों की संभावना को खारिज किया है।
- विशेषज्ञों का मानना है कि भारी बारिश और नदी के तेज बहाव के कारण हाथी ऊंचे किनारों से गिरकर मरे।
- मुख्य वन्यजीव वार्डन ने हाथीदांत न मिलने के कारणों पर स्पष्टीकरण मांगा है।
केरल के मलयट्टूर और वझाचल वन क्षेत्रों में पिछले वर्ष हुई हाथियों की मौत के मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। एक विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट के अनुसार, मृत पाए गए 14 जंगली हाथियों में से आठ के शवों से हाथीदांत (Ivory) और टुश (Tush) गायब थे। यह रिपोर्ट डी.के. विनोद कुमार के नेतृत्व में तैयार की गई थी।
जांच में क्या मिला?
रिपोर्ट के मुताबिक, पांच मादा हाथियों के शवों से टुश गायब थे और तीन नर हाथियों से हाथीदांत गायब थे। हालांकि, दो नर हाथियों के शवों से हाथीदांत बरामद कर लिया गया था। अन्य मामलों में, शवों के अत्यधिक सड़ जाने के कारण लिंग का निर्धारण करना भी मुश्किल हो गया था।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला अत्यंत संवेदनशील है क्योंकि एक दशक पहले भी मलयट्टूर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर शिकार हुआ था, जिसमें 16 हाथियों को मार दिया गया था। हालांकि एसआईटी ने दांतों के सॉकेट की जांच के बाद 'जबरन निकालने' के सबूत न मिलने के कारण शिकार की संभावना को खारिज कर दिया है, लेकिन हाथीदांत का गायब होना अभी भी सवाल खड़े करता है।
भारी बारिश के दौरान नदी के तेज बहाव और उबड़-खाबड़ किनारों से गिरने के कारण हुई चोटों को इन मौतों का मुख्य कारण माना जा रहा है।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दुर्गम इलाकों और नदी के तेज बहाव के कारण हाथीदांत या तो बह गए होंगे या चट्टानों की दरारों में फंस गए होंगे। जैसे ही पानी का स्तर कम होगा, दोबारा तलाशी ली जाएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. क्या हाथियों की मौत के पीछे शिकार का हाथ है?
एसआईटी की रिपोर्ट के अनुसार, शिकार या जहर दिए जाने के कोई सबूत नहीं मिले हैं। मौत का कारण प्राकृतिक दुर्घटना माना गया है।
2. हाथीदांत कहाँ जा सकते हैं?
अधिकारियों के अनुसार, भारी बारिश के कारण वे नदी के बहाव में बह सकते हैं या पत्थरों के बीच फंस सकते हैं।