ग्रीनलैंड के इलुलीसैट तट पर एक विशालकाय हिमखंड को पलटते हुए देखा गया, जो जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ते समुद्री जल स्तर के खतरों को दर्शाता है।

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मुख्य बातें

  • ग्रीनलैंड में एक विशाल हिमखंड इलुलीसैट तट पर पलट गया।
  • जलवायु परिवर्तन के कारण ग्रीनलैंड हर साल औसतन 261 गीगाटन बर्फ खो रहा है।
  • यह घटना यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल इलुलीसैट आइसफjord के पास हुई।

दुनिया के सबसे बड़े द्वीप, ग्रीनलैंड से एक विस्मयकारी और डरावना दृश्य सामने आया है। इलुलीसैट के तट पर एक विशालकाय हिमखंड को समुद्र में कलाबाजी (somersault) करते हुए देखा गया। यह घटना न केवल देखने में अद्भुत है, बल्कि यह हमारे बदलते ग्रह की एक गंभीर चेतावनी भी है।

प्रकृति का रौद्र रूप

AfarTV द्वारा कैप्चर किया गया यह हाई-डेफिनिशन वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह हिमखंड संभवतः लंबे समय तक ग्लेशियर से जुड़ा रहा होगा और पिघलने के बाद अंततः अपनी स्थिरता खो बैठा। विशेषज्ञों के अनुसार, बड़े हिमखंड अक्सर आइसफjord के मुहाने के पास फंस जाते हैं और धीरे-धीरे पिघलकर छोटे हो जाते हैं, जिससे वे समुद्र में गति करने में सक्षम हो जाते हैं।

जलवायु परिवर्तन का प्रभाव

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि ग्रीनलैंड की बर्फ की चादर जिस गति से पिघल रही है, वह वैश्विक समुद्र स्तर के लिए एक बड़ा खतरा है। ग्रीनलैंड वर्तमान में प्रति वर्ष औसतन 261 गीगाटन बर्फ खो रहा है। एक गीगाटन का अर्थ है 2.2 ट्रिलियन पाउंड बर्फ का पिघलना, जो सीधे तौर पर तटीय शहरों के डूबने का कारण बन सकता है।

बढ़ते तापमान के कारण ग्लेशियरों का टूटना अब एक नियमित घटना बनती जा रही है, जो समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को पूरी तरह बदल सकती है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

ग्रीनलैंड का भूभाग लगभग 80 प्रतिशत बर्फ से ढका हुआ है। अंटार्कटिका के बाद यह पृथ्वी की दूसरी सबसे बड़ी बर्फ की चादर है। पिछले कुछ दशकों में, वैश्विक तापमान में वृद्धि ने इस नाजुक संतुलन को बिगाड़ दिया है, जिससे बर्फ के पहाड़ों का इस तरह गिरना अब आम होता जा रहा है।

क्या आप जानते हैं?: ग्रीनलैंड का बर्फ पिघलने का प्रभाव केवल समुद्र स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक समुद्री धाराओं (Ocean Currents) को भी प्रभावित कर सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. यह घटना कहाँ हुई थी? यह घटना ग्रीनलैंड के यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल इलुलीसैट आइसफjord के पास हुई थी।
2. हिमखंड का पलटना क्या दर्शाता है? यह ग्लेशियरों के पिघलने और जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ते समुद्री जोखिमों का सीधा संकेत है।