मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बिजली की लागत कम करने और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पंप स्टोरेज और सौर ऊर्जा पर जोर दिया है। उन्होंने राज्य के 130 जलाशयों में पंप स्टोरेज परियोजनाओं की व्यवहार्यता का अध्ययन करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य बिंदु
- राज्य के 130 जलाशयों में पंप स्टोरेज परियोजनाओं की व्यवहार्यता का अध्ययन किया जाएगा।
- सितंबर तक पीएम सूर्य घर योजना के तहत 6 लाख और अतिरिक्त 3 लाख सौर कनेक्शन का लक्ष्य।
- बिजली की खरीद लागत को 2029 तक ₹4 प्रति यूनिट तक लाने का लक्ष्य।
- पावर यूटिलिटीज के लिए प्रदर्शन-आधारित रेटिंग प्रणाली का प्रस्ताव।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने राज्य की बढ़ती बिजली की मांग को पूरा करने और उपभोक्ताओं के लिए लागत कम करने के उद्देश्य से ऊर्जा क्षेत्र में बड़े बदलावों की घोषणा की है। गुरुवार को अमरावती के सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान, उन्होंने ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ाने और बिजली वितरण में होने वाले नुकसान को कम करने पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।
पंप स्टोरेज: एक 'विशाल पानी की बैटरी'
नायडू ने राज्य के 130 जलाशयों में पंप स्टोरेज ऊर्जा परियोजनाओं (Pumped Storage Energy Projects) की स्थापना की संभावना तलाशने का आदेश दिया है। पंप स्टोरेज तकनीक एक विशाल 'वॉटर बैटरी' की तरह काम करती है, जहाँ अतिरिक्त बिजली का उपयोग पानी को ऊपर पंप करने के लिए किया जाता है, और जब बिजली की मांग बढ़ती है, तो उस पानी को टर्बाइनों के माध्यम से नीचे गिराकर बिजली पैदा की जाती है। उन्होंने विशेष रूप से पोलावरम में प्रस्तावित पंप स्टोरेज परियोजना के आर्थिक अध्ययन की मांग की है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह कदम?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि औद्योगिक विकास के कारण आंध्र प्रदेश में बिजली की खपत हर छह साल में दोगुनी हो सकती है। वर्षा की कमी से जलविद्युत उत्पादन प्रभावित हो सकता है, इसलिए सौर, पवन और पंप स्टोरेज का एक एकीकृत मॉडल बनाना राज्य की ऊर्जा सुरक्षा के लिए अनिवार्य है।
ऊर्जा की बढ़ती मांग और जलवायु परिवर्तन की अनिश्चितताओं के बीच, पंप स्टोरेज और सौर ऊर्जा का मिश्रण ही आंध्र प्रदेश के लिए स्थायी समाधान है।
मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी आक्रामक लक्ष्य रखे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पीएम सूर्य घर योजना के तहत सितंबर तक 6 लाख सौर कनेक्शन पूरे किए जाएं और योजना के बाहर अतिरिक्त 3 लाख कनेक्शन लगाए जाएं। इसके अलावा, उन्होंने बिजली की खरीद लागत को इस वर्ष ₹4.60 प्रति यूनिट और 2029 तक ₹4 प्रति यूनिट तक लाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
आंध्र प्रदेश पारंपरिक रूप से कोयला और जलविद्युत पर निर्भर रहा है, लेकिन बदलती वैश्विक ऊर्जा नीतियों और कार्बन उत्सर्जन को कम करने के दबाव के कारण, राज्य अब नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. पंप स्टोरेज तकनीक क्या है?
यह अतिरिक्त बिजली का उपयोग करके पानी को ऊंचे जलाशय में पंप करने और ज़रूरत पड़ने पर उसे टर्बाइन से नीचे गिराकर बिजली बनाने की प्रक्रिया है।
2. सरकार का बिजली की कीमत को लेकर क्या लक्ष्य है?
सरकार का लक्ष्य बिजली की खरीद लागत को 2029 तक ₹4 प्रति यूनिट तक लाना है।