मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इंदिराम्मा आवास योजना के तहत घर मौजूदा आबादी वाले क्षेत्रों में बनाए जाएं, न कि सुनसान इलाकों में। इसके लिए पुलिस और राजस्व जैसे विभागों की खाली पड़ी जमीन का उपयोग किया जाएगा।

मुख्य बातें

  • आवास परियोजनाएं मौजूदा शहरी बस्तियों के भीतर बनाई जाएंगी।
  • पुलिस, राजस्व और परिवहन विभागों की खाली जमीन का उपयोग होगा।
  • प्रत्येक फ्लैट की लागत ₹11 लाख होगी, जिसमें सरकार ₹5 लाख की सब्सिडी देगी।
  • पहले चरण में 17 विधानसभा क्षेत्रों में 7,680 फ्लैट बनाए जाएंगे।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री A. रेवंत रेड्डी ने शुक्रवार को हैदराबाद में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ 'क्यूआर (CURE) इंदिराम्मा हाउसिंग प्रोग्राम' की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि आवास परियोजनाएं केवल उन्हीं क्षेत्रों में विकसित की जाएं जहां बुनियादी सुविधाएं और रोजगार के अवसर उपलब्ध हों।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आउटर रिंग रोड (ORR) की सीमा के भीतर विभिन्न सरकारी विभागों की अनुपयोगी भूमि की पहचान करने का आदेश दिया है। उन्होंने विशेष रूप से पुलिस, राजस्व और परिवहन विभागों की अधिशेष भूमि का उपयोग करने का सुझाव दिया। यदि आवश्यक हो, तो संबंधित विभागों को वैकल्पिक भूमि आवंटित की जा सकती है।

क्यों है यह महत्वपूर्ण?

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, मुख्यमंत्री का यह निर्णय शहरी गरीबों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। सुनसान इलाकों में कॉलोनियां बनाने से लाभार्थी रोजगार और आवश्यक सेवाओं से कट सकते हैं, जिससे योजना का उद्देश्य विफल हो सकता है।

आवास केवल छत प्रदान करना नहीं है, बल्कि नागरिकों को आर्थिक अवसरों के करीब लाना है।

योजना के तहत प्रत्येक फ्लैट का निर्माण क्षेत्र लगभग 528 वर्ग फुट होगा। कुल निर्माण लागत ₹11 लाख अनुमानित है, जिसमें सरकार ₹5 लाख की सब्सिडी प्रदान करेगी, जबकि लाभार्थियों को शेष ₹6 लाख का योगदान देना होगा। पूरी भूमि की लागत सरकार द्वारा वहन की जाएगी।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

तेलंगाना सरकार ने शहरी गरीबों के लिए किफायती आवास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इंदिराम्मा आवास योजना की शुरुआत की है, जो राज्य के व्यापक कल्याणकारी एजेंडे का एक हिस्सा है।

क्या आप जानते हैं?: इस योजना के पहले चरण में हैदराबाद के 17 प्रमुख विधानसभा क्षेत्रों को कवर किया जाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न 1: सरकार कितनी सब्सिडी दे रही है?
उत्तर: सरकार प्रत्येक फ्लैट के लिए ₹5 लाख की सब्सिडी प्रदान कर रही है।

प्रश्न 2: क्या जमीन का खर्च लाभार्थी को देना होगा?
उत्तर: नहीं, पूरी भूमि की लागत सरकार द्वारा वहन की जाएगी।