केरल सरकार ने महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए संचालित KSRTC की 'प्रियदर्शिनी' योजना के तहत ₹41.5 करोड़ की राशि स्वीकृत की है। यह राशि जून के दूसरे पखवाड़े के लिए है।
मुख्य बातें
- केरल सरकार ने KSRTC के लिए ₹41.5 करोड़ आवंटित किए।
- यह राशि 'प्रियदर्शिनी' योजना के तहत महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए है।
- यह फंड 15 जून से 30 जून की अवधि को कवर करता है।
तिरुवनंतपुरम: केरल सरकार ने राज्य के परिवहन ढांचे को मजबूत करने और सामाजिक समावेश को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) की 'प्रियदर्शिनी' योजना के कार्यान्वयन के लिए ₹41.50 करोड़ की राशि को मंजूरी दे दी है।
यह योजना KSRTC द्वारा संचालित 'ऑर्डिनरी' बसों में महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा प्रदान करती है। हाल ही में स्वीकृत यह राशि विशेष रूप से 15 जून से 30 जून तक की अवधि के खर्चों को पूरा करने के लिए दी गई है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इस तरह की सब्सिडी योजनाएं न केवल सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देती हैं, बल्कि समाज के वंचित वर्गों की गतिशीलता (mobility) को भी सुगम बनाती हैं। इससे सार्वजनिक बसों में यात्रियों की संख्या में वृद्धि होने की संभावना है, जिससे राज्य के परिवहन राजस्व में दीर्घकालिक सुधार हो सकता है।
सार्वजनिक परिवहन में समावेशिता सुनिश्चित करना सामाजिक न्याय की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
केरल लंबे समय से महिला सशक्तिकरण के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं चलाता रहा है। KSRTC की प्रियदर्शिनी योजना इसी कड़ी का एक हिस्सा है, जिसका उद्देश्य यात्रा के खर्च को कम करके महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता और सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. प्रियदर्शिनी योजना क्या है?
यह KSRTC की एक योजना है जो महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को साधारण बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देती है।
2. यह फंड किस अवधि के लिए है?
यह विशेष मंजूरी 15 जून से 30 जून के बीच की अवधि के लिए है।