केरल की पहली जनजातीय पंचायत, एडमलमकुडी में बुनियादी सुविधाओं और सड़कों के अभाव के कारण एक बार फिर एक मरीज को बांस के अस्थायी स्ट्रेचर पर जंगलों के बीच से ले जाना पड़ा। यह एक महीने के भीतर ऐसी पांचवीं घटना है, जो इस क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को उजागर करती है।
- इडुक्की के एडमलमकुडी में एक 33 वर्षीय मरीज को 7 किमी घने जंगल के रास्ते ले जाया गया।
- बांस के अस्थायी स्ट्रेचर पर मरीज को ढोना इस महीने की पांचवीं ऐसी घटना है।
- सड़कों और पुलों के अभाव के कारण जनजातीय समुदायों को गंभीर स्वास्थ्य संकट का सामना करना पड़ रहा है।
केरल की पहली जनजातीय पंचायत, इडुक्की के एडमलमकुडी में बुनियादी ढांचे की भारी कमी एक बार फिर सामने आई है। शनिवार, 5 सितंबर 2026 को, नूरडीकुडी बस्ती के 33 वर्षीय अजय को तेज बुखार होने के कारण ग्रामीणों ने बांस के एक अस्थायी स्ट्रेचर पर लादकर लगभग सात किलोमीटर घने जंगलों और ऊबड़-खाबड़ रास्तों से अस्पताल पहुँचाया।
स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का सिलसिला
यह कोई अकेली घटना नहीं है। एडमलमकुडी में पिछले एक महीने के भीतर ऐसी पांचवीं गंभीर घटना दर्ज की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक सड़क और पुल जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं आतीं, तब तक उन्हें इसी तरह जान जोखिम में डालकर मरीजों को ढोना पड़ेगा।
हालिया घटनाओं पर नज़र डालें तो:
31 अगस्त: 40 वर्षीय सुमति को 7 किमी जंगल के रास्ते मुन्नार जनरल अस्पताल ले जाया गया।
22 अगस्त: 33 वर्षीय राजति को चेस्ट पेन के कारण 5 किमी तक नदी पार कराकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया गया।
14 अगस्त: 50 वर्षीय पूमनी की हालत बिगड़ने पर उन्हें पैदल ही सोसाइटीकुडी ले जाना पड़ा।
12 अगस्त: 75 वर्षीय मलयप्पन को 10 किमी दूर मंकुलम ले जाया गया।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि यह स्थिति केवल एक स्थानीय समस्या नहीं है, बल्कि यह विकास के उस मॉडल पर सवाल उठाती है जो दूरदराज के जनजातीय क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने में विफल रहा है। बुनियादी कनेक्टिविटी के बिना, आपातकालीन चिकित्सा सहायता समय पर नहीं मिल पाती, जो अक्सर जानलेवा साबित होती है।
विकास का अर्थ केवल बड़े शहरों का निर्माण नहीं, बल्कि अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक स्वास्थ्य और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुँचाना है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: एडमलमकुडी में मरीजों को अस्पताल ले जाने में मुख्य समस्या क्या है?
उत्तर: मुख्य समस्या सड़कों और पुलों का अभाव है, जिसके कारण मरीजों को घने जंगलों के बीच पैदल और बांस के स्ट्रेचर पर ले जाना पड़ता है।
प्रश्न 2: क्या यह समस्या पहली बार हुई है?
उत्तर: नहीं, अगस्त के महीने में यह पांचवीं ऐसी घटना है जहाँ मरीजों को इसी तरह ढोया गया है।