बेंगलुरु के सैटेलाइट टाउन रिंग रोड (STRR) प्रोजेक्ट को लेकर बड़ी खबर है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि 288 किमी लंबे इस प्रोजेक्ट के छह में से चार पैकेज पूरे हो चुके हैं और बाकी जल्द ही तैयार हो जाएंगे।

मुख्य बातें

  • STRR प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 288 किमी है, जिसमें 243 किमी कर्नाटक और 45 किमी तमिलनाडु में है।
  • प्रोजेक्ट की कुल लागत ₹14,655 करोड़ है।
  • छह में से चार पैकेज का काम पूरा हो चुका है।
  • बाकी दो पैकेज सितंबर और नवंबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।

बेंगलुरु के चारों ओर कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए महत्वाकांक्षी बेंगलुरु सैटेलाइट टाउन रिंग रोड (STRR) प्रोजेक्ट अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में जानकारी दी कि इस विशाल परियोजना के छह में से चार पैकेज का काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।

प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति और प्रगति

रिपोर्ट के अनुसार, 288 किमी लंबे इस रिंग रोड का एक बड़ा हिस्सा बनकर तैयार है। इसमें 42 किमी का डोबस्पेत-डोड्डबल्लापुर बाईपास और 38 किमी का डोड्डबल्लापुर-होसकोटे खंड पूरी तरह से तैयार है। शेष दो पैकेजों पर भी तेजी से काम चल रहा है। तमिलनाडु वाला हिस्सा सितंबर 2026 तक और कर्नाटक-तमिलनाडु सीमा वाला हिस्सा नवंबर 2026 तक पूरा होने की संभावना है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि STRR प्रोजेक्ट केवल एक सड़क नहीं है, बल्कि यह बेंगलुरु के औद्योगिक शहरों जैसे देवनाहल्ली, होसकोटे और रामनगर को जोड़ने वाला एक लाइफलाइन है। इससे शहर के भीतर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और लॉजिस्टिक्स की लागत में भारी कमी आएगी।

बेंगलुरु की शहरी भीड़भाड़ को कम करने के लिए STRR एक गेम-चेंजर साबित होगा।

प्रोजेक्ट के विस्तार के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। ओबलापुरा से कुनिगल तक छह-लेन विस्तार के प्रस्ताव को सार्वजनिक निजी भागीदारी मूल्यांकन समिति (PPPAC) द्वारा मंजूरी दे दी गई है, जो भविष्य के विस्तार का मार्ग प्रशस्त करता है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

STRR प्रोजेक्ट की शुरुआत 2013 में की गई थी। इसका उद्देश्य बेंगलुरु के आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ना था, लेकिन विभिन्न कारणों से इसमें देरी हुई। अब, ₹14,655 करोड़ के इस निवेश के साथ, यह परियोजना अपने पूर्ण कार्यान्वयन के करीब है।

क्या आप जानते हैं?: STRR का एक 7 किमी का हिस्सा पहले से ही बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे के साथ एकीकृत होकर पूरा हो चुका है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. STRR प्रोजेक्ट की कुल लागत कितनी है?
इस प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित लागत ₹14,655 करोड़ है।

2. यह किन राज्यों से होकर गुजरता है?
यह मुख्य रूप से कर्नाटक (243 किमी) और तमिलनाडु (45 किमी) से होकर गुजरता है।

विवरणकर्नाटक हिस्सातमिलनाडु हिस्सा
लंबाई243 किमी45 किमी
स्थितिचार पैकेज पूर्ण/प्रगति पर91% से अधिक प्रगति