विशाखापट्टनम के सांसद एम. श्रीभरत ने केंद्रीय इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी से मुलाकात कर RINL के पूर्व कर्मचारियों के लंबित VRS लाभों और अन्य वैधानिक बकाया राशि को जल्द जारी करने का आग्रह किया है।
मुख्य बातें
- सांसद एम. श्रीभरत ने केंद्रीय इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी से मुलाकात की।
- RINL के पूर्व कर्मचारियों के VRS लाभ और अन्य बकाया राशि का भुगतान लंबित है।
- 486 कर्मचारियों को केवल 50% मुआवजा मिला है, जबकि अन्य को केवल 25% मिला है।
- सांसद ने जल्द वित्तीय राहत प्रदान करने की मांग की है।
विशाखापट्टनम के सांसद एम. श्रीभरत ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी से मुलाकात की। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL) के पूर्व कर्मचारियों के लंबित स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (VRS) लाभों और अन्य वैधानिक देय राशि को जल्द से जल्द जारी करना सुनिश्चित करना था।
श्रीभरत ने मंत्री का ध्यान विशाखापट्टनम स्टील प्लांट के स्टील एग्जीक्यूटिव्स एसोसिएशन द्वारा प्रस्तुत एक ज्ञापन की ओर आकर्षित किया। इस ज्ञापन में उन सेवानिवृत्त कर्मचारियों द्वारा सामना की जा रही अत्यधिक कठिनाइयों को रेखांकित किया गया है, जिनका VRS मुआवजा अभी तक बकाया है।
वर्तमान स्थिति का विवरण
सांसद ने बताया कि सरकार द्वारा अनुमोदित VRS के दूसरे चरण के तहत सेवानिवृत्त हुए 486 कर्मचारियों में से केवल 50% मुआवजा ही जारी किया गया है। शेष मुआवजा, अर्जित अवकाश नकदीकरण (leave encashment), वेतन बकाया और अन्य वैधानिक सेवानिवृत्ति लाभ अभी भी भुगतान किए जाने बाकी हैं। इसके अलावा, VRS के तीसरे चरण के अंतर्गत आने वाले 67 कर्मचारियों को उनके हकदार मुआवजे का केवल 25% ही प्राप्त हुआ है।
यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि RINL के कर्मचारियों का यह मुद्दा केवल वित्तीय नहीं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा से भी जुड़ा है। सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए यह राशि उनके जीवन निर्वाह का मुख्य आधार है। लंबित भुगतान उनके बुढ़ापे की वित्तीय स्थिरता को खतरे में डाल रहा है।
कर्मचारियों के वैध अधिकारों और उनके कल्याण के लिए सरकारी हस्तक्षेप अब अनिवार्य हो गया है।
श्रीभरत ने मंत्री से आग्रह किया कि वे RINL प्रबंधन को लागू नियमों और विनियमों के अनुसार लंबित देय राशि के भुगतान में तेजी लाने का निर्देश दें। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस समस्या का शीघ्र समाधान सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके परिवारों को तत्काल वित्तीय राहत प्रदान करेगा।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
RINL (विशाखापट्टनम स्टील प्लांट) भारत के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के इस्पात उत्पादकों में से एक रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में वित्तीय चुनौतियों और पुनर्गठन की प्रक्रियाओं के कारण इसके कर्मचारियों को कई तरह की अनिश्चितताओं का सामना करना पड़ा है, जिसमें VRS योजनाएं भी शामिल हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: सांसद श्रीभरत ने किनके लिए मांग की है?
उत्तर: उन्होंने RINL के उन पूर्व कर्मचारियों के लिए मांग की है जिनका VRS और अन्य सेवानिवृत्ति लाभ बकाया है।
प्रश्न 2: वर्तमान में कितने प्रतिशत भुगतान हुआ है?
उत्तर: दूसरे चरण के कर्मचारियों को केवल 50% और तीसरे चरण के कर्मचारियों को केवल 25% मुआवजा मिला है।