ओडिशा में नए पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति को लेकर भारी विवाद खड़ा हो गया है। सरकार द्वारा तीन वरिष्ठ अधिकारियों के बजाय 11 अधिकारियों के नाम यूपीएससी को भेजने से सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के उल्लंघन का आरोप लग रहा है।
मुख्य बातें
- वर्तमान डीजीपी वाई.बी. खुरानिया 16 अगस्त 2026 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
- सुप्रीम कोर्ट के प्रकाश सिंह मामले के फैसले के अनुसार केवल 3 सबसे वरिष्ठ अधिकारियों का पैनल होना चाहिए था।
- ओडिशा सरकार ने सूची को 3 से बढ़ाकर 11 कर दिया है, जिससे विवाद गहरा गया है।
- इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है।
ओडिशा में पुलिस विभाग के सर्वोच्च पद, पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति की प्रक्रिया अब कानूनी और राजनीतिक विवादों के केंद्र में आ गई है। वर्तमान डीजीपी वाई.बी. खुरानिया के 16 अगस्त, 2026 को सेवानिवृत्त होने में अब केवल कुछ ही दिन शेष हैं, लेकिन नियुक्ति प्रक्रिया ने राज्य में हलचल मचा दी है।
विवाद की जड़ 'प्रकाश सिंह बनाम केंद्र सरकार' मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित प्रक्रिया है। कानूनन, राज्य सरकार को यूपीएससी (UPSC) द्वारा तैयार किए गए तीन सबसे वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के पैनल में से एक को चुनना चाहिए। हालांकि, मोहन माझी सरकार ने कथित तौर पर इस प्रक्रिया का उल्लंघन करते हुए 11 आईपीएस अधिकारियों के नामों को यूपीएससी के पास भेज दिया है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि राज्य की कानून व्यवस्था और राजनीतिक निष्पक्षता से जुड़ा मुद्दा है। सरकार द्वारा सूची में 1994 से 1996 बैच के अधिकारियों को शामिल करने से उन वरिष्ठ अधिकारियों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं जो स्वाभाविक रूप से इस पद के हकदार थे।
सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन पुलिसिंग की स्वायत्तता और निष्पक्षता के लिए एक गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
हाल ही में, सरकार ने दो 1994-बैच के अधिकारियों, संजीव कुमार पांडा और यशवंत कुमार जेठवा को डीजी ग्रेड में पदोन्नत किया है। यदि यूपीएससी द्वारा विचार किए जाने वाले नामों की सूची में बदलाव होता है, तो ये अधिकारी सीधे तौर पर डीजीपी पद की दौड़ में शामिल हो जाएंगे।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
सुप्रीम कोर्ट ने प्रकाश सिंह मामले में स्पष्ट किया था कि पुलिस सुधारों के लिए डीजीपी की नियुक्ति में राजनीतिक हस्तक्षेप कम करने हेतु वरिष्ठता का पालन किया जाना अनिवार्य है। ओडिशा में इस आदेश की अनदेखी करने के आरोप में पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने भी अदालत में दलीलें पेश की हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. विवाद का मुख्य कारण क्या है?
विवाद का कारण सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट के तीन वरिष्ठ अधिकारियों वाले नियम को छोड़कर 11 अधिकारियों के नाम भेजना है।
2. वर्तमान डीजीपी कौन हैं?
वर्तमान डीजीपी वाई.बी. खुरानिया हैं, जो 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं।