एक संसदीय समिति ने हाइपरसोनिक हथियारों और छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों जैसे भविष्य के रक्षा प्रोजेक्ट्स के लिए एक अलग बजट मद बनाने की सिफारिश की है। इसका उद्देश्य भारत की सामरिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करना है।
मुख्य बिंदु
- हाइपरसोनिक मिसाइल और 6th-Gen फाइटर जेट्स के लिए अलग बजट की मांग।
- DRDO द्वारा अगली पीढ़ी की सैन्य क्षमताओं पर विशेष ध्यान।
- रणनीतिक परियोजनाओं में तेजी लाने के लिए 'फास्ट-ट्रैक' फंडिंग का प्रस्ताव।
- स्वदेशी तकनीक के माध्यम से रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर।
नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण संसदीय समिति ने भारत की रक्षा क्षमताओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए एक क्रांतिकारी कदम का प्रस्ताव दिया है। समिति ने हाइपरसोनिक हथियारों, ग्लाइड मिसाइलों और छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के अनुसंधान और विकास (R&D) के लिए एक समर्पित बजट मद (Separate Budget Head) बनाने की सिफारिश की है।
समिति की रिपोर्ट के अनुसार, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) वर्तमान में वैश्विक तकनीकी प्रगति के साथ तालमेल बिठाने के लिए अगली पीढ़ी की सैन्य क्षमताओं पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। पैनल ने विशेष रूप से 'सुपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल' प्रणालियों के विकास पर जोर दिया है, जो अत्यधिक गति और दिशा बदलने की क्षमता के कारण दुश्मन के रडार और इंटरसेप्शन सिस्टम के लिए लगभग अदृश्य होती हैं।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि रक्षा बजट में देरी अक्सर महत्वपूर्ण रणनीतिक प्रोजेक्ट्स की गति को धीमा कर देती है। एक समर्पित फंड होने से भारत न केवल तकनीकी रूप से उन्नत होगा, बल्कि युद्ध की बदलती प्रकृति (Network-centric warfare) में अपनी स्थिति भी मजबूत कर सकेगा।
हाइपरसोनिक हथियार दुश्मन के निर्णय लेने के समय को कम कर देते हैं, जिससे वे आधुनिक रक्षा प्रणालियों के लिए एक अभेद्य चुनौती बन जाते हैं।
समिति ने यह भी उल्लेख किया कि जहाँ AMCA (Advanced Medium Combat Aircraft) भारत का पांचवीं पीढ़ी का कार्यक्रम है, वहीं अब छठी पीढ़ी के विमानों की योजना बनाई जा रही है। ये विमान नेटवर्क-केंद्रित होंगे और अन्य सैन्य प्लेटफार्मों के साथ एकीकृत रूप से कार्य करेंगे।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत लंबे समय से रक्षा क्षेत्र में आयात पर निर्भर रहा है, लेकिन पिछले दशक में 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के तहत स्वदेशी मिसाइल और लड़ाकू विमान कार्यक्रमों में अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई है। यह नया प्रस्ताव इस दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान क्या हैं?
उत्तर: ये विमान अत्यधिक उन्नत तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अन्य सैन्य प्रणालियों के साथ पूर्ण एकीकरण की क्षमता रखते हैं।
प्रश्न 2: हाइपरसोनिक तकनीक क्यों जरूरी है?
उत्तर: इनकी उच्च गति और दिशा बदलने की क्षमता के कारण इन्हें ट्रैक करना और नष्ट करना बहुत कठिन होता है।