ओंगोल में तंबाकू की कीमतों में भारी गिरावट के विरोध में किसानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-16 को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया है। संयुक्त किसान मोर्चा ने सरकार से उचित मूल्य की मांग की है।

मुख्य बातें

  • तंबाकू किसानों ने ओंगोल के पास एनएच-16 पर चक्का जाम किया।
  • निम्न श्रेणी के तंबाकू की कीमत ₹110 प्रति किलो तक गिरने का आरोप।
  • किसानों ने सरकार से ₹1,000 करोड़ के विशेष फंड की मांग की है।
  • कॉर्पोरेट व्यापारियों के प्रभाव पर सरकार को घेरा गया।

आंध्र प्रदेश के प्रकसम जिले में बुधवार को भारी हंगामा देखने को मिला जब संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के बैनर तले सैकड़ों किसानों ने तंबाकू के लाभकारी मूल्य की मांग को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग-16 (NH-16) को जाम कर दिया। थ्रोवगुंटा के पास तांगुतुर टोल प्लाजा पर इस विरोध प्रदर्शन के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।

कीमतों में भारी गिरावट का आरोप

प्रदर्शन का मुख्य कारण तंबाकू की कीमतों में अचानक आई गिरावट है। SKM के जिला संयोजक चुंदुरी रंग राव ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने किसानों की समस्याओं के प्रति उदासीनता दिखाई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने निम्न श्रेणी के तंबाकू की खरीद मूल्य को अचानक घटाकर मात्र ₹110 प्रति किलोग्राम कर दिया है, जबकि इसका औसत मूल्य ₹1,877 प्रति किलोग्राम के आसपास रहता है।

यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि कृषि क्षेत्र में कीमतों का इस तरह अचानक गिरना न केवल किसानों की आर्थिक कमर तोड़ता है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में अस्थिरता भी पैदा करता है। किसानों का आरोप है कि सरकार के आदेशों के बावजूद व्यापारी न्यूनतम मूल्य का पालन नहीं कर रहे हैं, जिससे कॉर्पोरेट घरानों को सीधा फायदा हो रहा है।

'सरकारें कॉर्पोरेट हितों के सामने झुक रही हैं, जबकि किसान अपनी फसलों का उचित मूल्य पाने के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं।'

CPI के जिला सचिव आर. वेंकट राव ने भी इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि तंबाकू निर्यात से देश को भारी विदेशी मुद्रा मिलती है, लेकिन सरकार किसानों के लिए ₹1,000 करोड़ का फंड जारी करने में असमर्थ है। किसानों ने मांग की है कि सरकार तत्काल हस्तक्षेप करे और तंबाकू खरीद के लिए पर्याप्त बजट आवंटित करे।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

आंध्र प्रदेश भारत के प्रमुख तंबाकू उत्पादक राज्यों में से एक है। पिछले कुछ वर्षों में, वैश्विक बाजार की अस्थिरता और स्थानीय खरीद नीतियों में बदलाव के कारण तंबाकू किसानों को अक्सर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता है।

क्या आप जानते हैं?: तंबाकू की खेती भारत के कुल कृषि निर्यात में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जिससे देश को करोड़ों का विदेशी मुद्रा लाभ होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. किसान किस मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं?
किसान तंबाकू की फसलों के लिए लाभकारी और उचित मूल्य की मांग कर रहे हैं।

2. विरोध प्रदर्शन का असर क्या हुआ?
इस विरोध के कारण एनएच-16 पर यातायात बाधित हुआ और कई वाहन घंटों फंसे रहे।