चेन्नई मेट्रो रेल लिमिटेड (CMRL) द्वारा एमआरटीएस (MRTS) के अधिग्रहण की प्रक्रिया रेलवे बोर्ड की मंजूरी में देरी के कारण अटकी हुई है। एमओयू पर हस्ताक्षर न होने से यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं में सुधार अब और टल सकता है।

मुख्य बिंदु

  • रेलवे बोर्ड से एमओयू (MoU) की मंजूरी मिलने में अभी चार सप्ताह और लग सकते हैं।
  • CMRL द्वारा MRTS के संचालन और रखरखाव को संभालने की प्रक्रिया रुकी हुई है।
  • यात्री सुविधाओं में सुधार के लिए यह अधिग्रहण कई वर्षों से प्रस्तावित है।

चेन्नई के मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (MRTS) को बेहतर बनाने के लिए चेन्नई मेट्रो रेल लिमिटेड (CMRL) द्वारा इसके अधिग्रहण की योजना लंबे समय से लंबित है। तमिलनाडु सरकार पिछले दो महीनों से रेलवे बोर्ड से समझौता ज्ञापन (MoU) की मंजूरी का इंतजार कर रही है।

सूत्रों के अनुसार, एमओयू पर हस्ताक्षर न होने के कारण अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पा रही है। हालांकि रेलवे बोर्ड ने पहले ही संपत्ति और रखरखाव को राज्य सरकार को सौंपने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी थी, लेकिन अंतिम दस्तावेजीकरण में देरी हो रही है। पहले उम्मीद थी कि जुलाई के अंत तक प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, लेकिन अब इसमें और चार सप्ताह का समय लग सकता है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह देरी केवल प्रशासनिक नहीं है बल्कि इसका सीधा असर चेन्नई के लाखों दैनिक यात्रियों पर पड़ता है। MRTS वर्तमान में बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है, और CMRL के आने से ही इसके आधुनिकीकरण की उम्मीद है।

प्रक्रियात्मक देरी का खामियाजा अंततः आम आदमी को भुगतना पड़ता है, जो खराब सुविधाओं के बीच यात्रा करने को मजबूर है।

हाल ही में राज्यसभा में भी इस मुद्दे को उठाया गया था। डीएमके सांसद पी. विल्सन ने रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव से इस परियोजना के फंड और एकीकरण के बारे में सवाल किया था। मंत्री ने पुष्टि की थी कि मंत्रालय को विस्तृत एमओयू प्राप्त हो गया है और सैद्धांतिक मंजूरी दी जा चुकी है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

MRTS को पुनर्जीवित करने और यात्री अनुभव को बढ़ाने के उद्देश्य से इस अधिग्रहण का प्रस्ताव कई साल पहले रखा गया था। लक्ष्य मौजूदा बुनियादी ढांचे को मेट्रो रेल के स्तर तक उन्नत करना है ताकि यात्रियों को एक निर्बाध और आधुनिक यात्रा अनुभव मिल सके।

क्या आप जानते हैं?: MRTS का पूर्ण रूप 'मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम' है, जो चेन्नई के उपनगरीय रेल नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. CMRL द्वारा MRTS का अधिग्रहण क्यों किया जा रहा है?
इसका उद्देश्य MRTS के बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण करना और यात्री सुविधाओं को मेट्रो स्तर तक सुधारना है।

2. वर्तमान में देरी का मुख्य कारण क्या है?
मुख्य कारण तमिलनाडु सरकार और दक्षिणी रेलवे के बीच एमओयू (MoU) पर अंतिम हस्ताक्षर और रेलवे बोर्ड की मंजूरी में देरी है।