हैदराबाद स्थित गैर-लाभकारी संस्था स्वयंकृषि ने शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण और स्वतंत्र जीवन के माध्यम से बौद्धिक अक्षमता वाले व्यक्तियों को सशक्त बनाने के 35 सफल वर्ष पूरे कर लिए हैं।
मुख्य बातें
- स्वयंकृषि ने दिव्यांगों के सशक्तिकरण के 35 वर्ष पूरे किए।
- संस्था शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण और स्वतंत्र जीवन जीने पर केंद्रित है।
- छात्रों ने एनसीसी (NCC) और फैशन शो जैसे क्षेत्रों में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं।
- संस्था अब विशेष शिक्षा में मास्टर प्रोग्राम शुरू करने की योजना बना रही है।
हैदराबाद की प्रमुख गैर-लाभकारी संस्था, स्वयंकृषि, ने बौद्धिक अक्षमता वाले व्यक्तियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के अपने 35 वर्षों के सफर का जश्न मनाया है। संस्था का मुख्य उद्देश्य शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण और स्वतंत्र जीवन कौशल के माध्यम से इन व्यक्तियों को आत्मनिर्भर बनाना है।
इस अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में संस्था की संस्थापक मंजुला कल्याण ने बताया कि स्वयंकृषि 18 वर्ष से अधिक उम्र की बौद्धिक अक्षमता वाली महिलाओं के लिए स्कूल और छात्रावास का संचालन करती है। संस्था विशेष शिक्षा में बी.एड. (B.Ed.) कार्यक्रम भी प्रदान करती है, और अब एक मास्टर प्रोग्राम शुरू करने की योजना बना रही है।
ऐतिहासिक उपलब्धियां
स्वयंकृषि के छात्रों ने समाज की रूढ़ियों को तोड़ते हुए कई असाधारण उपलब्धियां हासिल की हैं। संस्था के छात्र देश के पहले ऐसे बौद्धिक अक्षमता वाले व्यक्ति बने जिन्होंने एनसीसी (NCC) वार्षिक प्रशिक्षण शिविर में भाग लिया। इसके अलावा, छात्रों ने फैशन शो में पेशेवर मॉडलों के साथ रैंप वॉक किया है और विशेष बच्चों के राष्ट्रीय ओलंपिक में स्वर्ण पदक भी जीते हैं।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि स्वयंकृषि जैसे संगठन केवल सहायता नहीं प्रदान कर रहे हैं, बल्कि वे समावेशी समाज की नींव रख रहे हैं। व्यावसायिक प्रशिक्षण के माध्यम से, जैसे कि सुपरमार्केट में कार्यरत महिलाएं, ये व्यक्ति आर्थिक रूप से स्वतंत्र बन रहे हैं, जो उनके आत्मसम्मान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
"शिक्षा और कौशल विकास ही वह माध्यम है जिससे दिव्यांगता के बावजूद व्यक्ति समाज की मुख्यधारा में शामिल हो सकता है।"
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: स्वयंकृषि मुख्य रूप से किन लोगों की मदद करती है?
उत्तर: यह संस्था मुख्य रूप से बौद्धिक अक्षमता वाले व्यक्तियों, विशेषकर महिलाओं को शिक्षा और कौशल प्रदान करती है।
प्रश्न 2: संस्था का नया परिसर कहाँ स्थित है?
उत्तर: संस्था 2016 से हैदराबाद के बाहरी इलाके में जवाहर नगर के चेन्नापुर में अपने पांच एकड़ के परिसर से संचालित हो रही है।