द बनयान एकेडमी ने मानसिक स्वास्थ्य देखभाल प्राप्त करने वाले लेखकों को सम्मानित करने के लिए डॉ. परसुराम 'लिव्ड एक्सपीरियंस' राइटिंग अवार्ड शुरू किया है। यह पुरस्कार संघर्ष और लचीलेपन की कहानियों को दुनिया के सामने लाने के लिए मेंटरशिप प्रदान करेगा।

  • डॉ. परसुराम राइटिंग अवार्ड की शुरुआत मानसिक स्वास्थ्य और साहित्य के संगम के रूप में की गई है।
  • विजेताओं को अपनी किताबें लिखने के लिए पेशेवर मेंटर और संपादक का सहयोग मिलेगा।
  • यह पुरस्कार टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज के पूर्व निदेशक की स्मृति में स्थापित किया गया है।

चेन्नई में आयोजित एक गरिमामय समारोह में, द बनयान एकेडमी ऑफ लीडरशिप इन मेंटल हेल्थ, द बनयान और एल्डमारा फाउंडेशन ने मिलकर डॉ. परसुराम 'लिव्ड एक्सपीरियंस' राइटिंग अवार्ड की शुरुआत की। इस अनूठी पहल का उद्देश्य उन लोगों को मंच प्रदान करना है जो मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, ताकि वे अपनी आंतरिक यात्रा और संघर्ष की कहानियों को साहित्यिक रूप दे सकें।

मैड्रास उच्च न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश और प्रसिद्ध लेखिका जस्टिस प्रभा श्रीदेवन ने इस सम्मान को प्रस्तुत किया। इस वर्ष के पहले दो सम्मानित लेखकों में सामाजिक उद्यमी और संगीतकार सुनीता शिर्ली और लाइब्रेरियन ससीसेकर मेनन शामिल हैं। सुनीता शिर्ली, जो 'रूट ट्रस्ट' की संस्थापक हैं, पहले से ही 18 से अधिक पुस्तकों की लेखिका रह चुकी हैं, जबकि ससीसेकर मेनन को उनकी विकलांगता के लिए गणतंत्र दिवस 2026 पर सम्मानित किया जा चुका है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

यह पुरस्कार डॉ. परसुराम की स्मृति में स्थापित किया गया है, जो टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) के पूर्व निदेशक थे। डॉ. परसुराम ने शिक्षा के माध्यम से अभाव और असमानता से लड़ने के लिए परिवर्तनकारी उच्च शिक्षा की वकालत की थी। यह पुरस्कार उनके उसी दृष्टिकोण को आगे बढ़ाता है, जो समाज के हाशिए पर खड़े लोगों को सशक्त बनाने पर केंद्रित है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण बदलने के लिए कहानियों का सशक्त होना आवश्यक है। यह पुरस्कार केवल वित्तीय सहायता नहीं है, बल्कि यह लेखकों को एक पेशेवर ढांचा प्रदान करता है। विजेताओं को एक मेंटर और संपादक प्रदान किया जाएगा, जो उन्हें उनके अनुभवों को एक व्यवस्थित पुस्तक का रूप देने में मदद करेंगे।

यह पुरस्कार मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में 'मौन' को तोड़कर 'अभिव्यक्ति' को प्रोत्साहित करने की एक क्रांतिकारी पहल है।

यह पहल मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत कर सकती है, जहाँ 'पागलपन' या मानसिक अस्थिरता को केवल एक बीमारी के रूप में नहीं, बल्कि मानवीय अनुभव की एक विविध और गहरी परत के रूप में देखा जाएगा।

Did You Know?: साहित्य का उपयोग अक्सर चिकित्सा (Therapy) के एक रूप के रूप में किया जाता है, जिसे 'बाइयोग्राफी थेरेपी' कहा जाता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: इस पुरस्कार का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य सेवा प्राप्त करने वाले व्यक्तियों को उनके अनुभवों को लिखने और साझा करने के लिए समर्थन और संसाधन प्रदान करना है।

प्रश्न 2: विजेताओं को किस प्रकार की सहायता मिलेगी?
उत्तर: विजेताओं को उनकी पुस्तक लेखन प्रक्रिया में मार्गदर्शन के लिए एक समर्पित मेंटर और संपादक दिया जाएगा।