समुचित क़िसान मोर्चा (एसकेएम) ने 10 अगस्त से शुरू होने वाले राष्ट्रीय स्तर के प्रदर्शन की योजना बनाई है। किसानों की सात प्रमुख माँगों में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी, व्यापक ऋण माफी और चार श्रम कोडों का निरसन शामिल है।

मुख्य बिंदु

  • 10 अगस्त से 1,000 से अधिक स्थानों पर ‘जेल भरो’, ‘रेल रोको’, ‘रोड रोको’ प्रदर्शन
  • 26 नवंबर को दिल्ली और 100 शहरों में बड़े पैमाने पर मार्च की योजना
  • एमएसपी गारंटी, सभी फसल खरीद, ऋण माफी, श्रम कोड निरसन सहित सात प्रमुख माँगें

प्रदर्शन का चरणबद्ध आरंभ

समुचित किसान मोर्चा (एसकेएम) ने नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ़्रेंस में बताया कि 10 अगस्त को ‘जेल भरो’, ‘रेल रोको’ और ‘रोड रोको’ आंदोलनों के साथ प्रारंभिक चरण शुरू होगा। इस चरण में 1,000 से अधिक स्थानों को लक्ष्य किया गया है।

नवंबर में बड़े पैमाने पर मार्च

26 नवंबर को दिल्ली और लगभग 100 शहरों में कई दिन तक चलने वाले किसान मार्च और जनआंदोलन का आयोजन किया जाएगा। एसकेएम ने कहा कि यह बड़े पैमाने का प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक केंद्र उनके सभी सात प्रमुख माँगों को नहीं स्वीकार लेता।

किसानों की प्रमुख माँगें

एसकेएम ने एमएसपी की कानूनी गारंटी, सभी फसलों की खरीदी, व्यापक ऋण माफी, चार श्रम कोडों का निरसन, एमजीएनआरईजी में 200 दिन का कार्य, दैनिक वेतन ₹700, बिजली निजीकरण बिल और बीज बिल को वापस लेना, तथा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में संशोधन की माँग की है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

पिछले पाँच वर्षों में किसान आंदोलन ने तीन कृषि कानूनों की निरस्तीकरण के बाद भी कई वादे पूरे नहीं किए। इस अवधि में कई किसान ने सरकार से लिखित आश्वासन की मांग की, परन्तु संसद में चर्चा नहीं हुई। इस कारण आज किसानों ने सड़कों पर आवाज़ उठाने की आवश्यकता महसूस की।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that a prolonged agrarian unrest could disrupt food supply chains, affect inflation, and pressure the government ahead of upcoming elections, making the stakes higher for both policymakers and the rural economy.

"अगर सरकार एमएसपी की गारंटी नहीं देती, तो भारतीय कृषि की स्थिरता खतरे में पड़ जाएगी," कृषि विशेषज्ञ डॉ. अजय सिंह ने कहा।
Did You Know?: भारत में 20 प्रमुख फसलों के लिए अनुमानित नुकसान 2026 तक 27 लाख करोड़ रुपये बताया गया है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: किसान कब तक आंदोलन जारी रखेंगे?
वॉरन: एसकेएम ने कहा है कि केंद्र सभी सात माँगें नहीं मानता तो आंदोलन जारी रहेगा।

प्रश्न 2: क्या इस आंदोलन का कोई राजनीतिक समर्थन है?
वॉरन: कई विपक्षी नेता और श्रमिक संघ इस आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं और किसानों के साथ मिलकर माँगें पेश करेंगे।