लोकसभा में पेश की गई रिपोर्ट के अनुसार, देश में जांचे गए फल और सब्जियों के नमूनों में से केवल 3.1% में ही कीटनाशकों की मात्रा तय सीमा से अधिक पाई गई। सरकार ने खाद्य सुरक्षा और कृषि निर्यात को लेकर महत्वपूर्ण डेटा साझा किया है।
मुख्य बातें
- 70,652 नमूनों की जांच की गई, जिनमें से 96.9% सुरक्षित पाए गए।
- केवल 3.1% नमूनों में कीटनाशकों का स्तर FSSAI की सीमा से अधिक था।
- भारत का फल और सब्जी निर्यात 2016-17 के $2.45 अरब से बढ़कर $3.93 अरब हो गया है।
- खाद्य तेलों के आयात को कम करने के लिए ऑयल पाम मिशन पर काम जारी है।
बाजार से फल और सब्जियां खरीदते समय हर आम नागरिक के मन में यह डर बना रहता है कि कहीं वे रसायनों या कीटनाशकों से दूषित तो नहीं हैं। हाल ही में लोकसभा में केंद्रीय कृषि मंत्री द्वारा पेश किए गए आंकड़ों ने इस बहस को फिर से गरमा दिया है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सदन को सूचित किया कि पिछले तीन वर्षों (2023-24 से 2025-26) के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर कुल 70,652 नमूनों की गहन जांच की गई। राहत की बात यह है कि इनमें से 96.9% नमूने पूरी तरह सुरक्षित पाए गए। केवल 3.1% (2,223 नमूने) ही ऐसे थे जिनमें कीटनाशकों के अवशेष FSSAI द्वारा निर्धारित 'अधिकतम अवशेष सीमा' (MRL) से अधिक मिले।
क्यों महत्वपूर्ण है यह डेटा?
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह डेटा न केवल उपभोक्ता विश्वास को बहाल करने के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारत की कृषि निर्यात क्षमता को भी दर्शाता है। सरकार 2005 से चल रही MPRNL निगरानी व्यवस्था के माध्यम से GPS ट्रैकिंग का उपयोग कर रही है ताकि खेतों तक सुरक्षित खेती के मानकों को सुनिश्चित किया जा सके।
कीटनाशकों का स्तर केवल एक स्वास्थ्य मुद्दा नहीं है, बल्कि यह वैश्विक व्यापार और निर्यात की गुणवत्ता निर्धारित करने वाला एक प्रमुख कारक है।
आर्थिक मोर्चे पर, भारत फल और सब्जियों का एक प्रमुख निर्यातक बना हुआ है। वर्ष 2016-17 में निर्यात $2.45 अरब था, जो 2025-26 तक बढ़कर $3.93 अरब तक पहुंच गया है। हालांकि, बढ़ती घरेलू मांग के कारण आयात में भी वृद्धि देखी गई है, जो $1.78 अरब से बढ़कर $3.82 अरब हो गया है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और डिजिटल सुधार
भारत ने कृषि उत्पादन की सटीक निगरानी के लिए 'डिजिटल जनरल क्रॉप एस्टीमेशन सर्वे' लागू किया है, जो अब 23 राज्यों में सक्रिय है। यह तकनीक मोबाइल ऐप और GPS फोटो का उपयोग करती है ताकि फसल कटाई के आंकड़ों में सटीकता लाई जा सके। इसके अलावा, खाद्य तेलों के आयात पर निर्भरता कम करने के लिए ऑयल पाम की खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. क्या सभी सब्जियां जहरीली हैं?
नहीं, रिपोर्ट के अनुसार 96.9% नमूने सुरक्षित पाए गए हैं। केवल बहुत कम मात्रा में कीटनाशक सीमा से अधिक मिले हैं।
2. सरकार कीटनाशकों को रोकने के लिए क्या कर रही है?
सरकार GPS आधारित ट्रैकिंग, डिजिटल सर्वे और एकीकृत कीट प्रबंधन (IPM) जैसे आधुनिक तरीकों का उपयोग कर रही है।