रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ ब्रिटिश आर्किटेक्ट्स (RIBA) ने 2026 के अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों की घोषणा की है, जिसमें भारत से जुड़े तीन शानदार प्रोजेक्ट्स को उनके जलवायु-अनुकूल डिजाइन के लिए चुना गया है।

  • RIBA इंटरनेशनल अवार्ड्स 2026 में 15 देशों के 34 प्रोजेक्ट्स को चुना गया।
  • महाराष्ट्र के मुरुड़ में स्थित 'परिक्रमा' और नवी मुंबई का 'DY पाटिल यूनिवर्सिटी सेंटर' विजेता रहे।
  • फ्रांस में 'Château de Beaucastel' का नवीनीकरण भी भारतीय फर्म 'Studio Mumbai' द्वारा किया गया।
  • विजेता प्रोजेक्ट्स का मुख्य फोकस जलवायु परिवर्तन और शहरीकरण का सामना करना है।

वास्तुकला की दुनिया में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए, रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ ब्रिटिश आर्किटेक्ट्स (RIBA) ने अपने 2026 के अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों की घोषणा की है। इस वर्ष, दुनिया भर के 15 देशों से 34 उत्कृष्ट परियोजनाओं को उत्कृष्टता के लिए मान्यता दी गई है। विशेष बात यह है कि इनमें से तीन परियोजनाएं सीधे तौर पर भारतीय डिजाइनरों या भारतीय संदर्भों से जुड़ी हुई हैं, जो वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती वास्तुकला शक्ति को प्रदर्शित करती हैं।

इन पुरस्कारों का चयन केवल सुंदरता के आधार पर नहीं, बल्कि इस बात पर किया गया है कि ये इमारतें जलवायु परिवर्तन, प्रवासन और तीव्र शहरीकरण जैसी वैश्विक चुनौतियों का कितनी प्रभावी ढंग से सामना करती हैं। RIBA इंटरनेशनल अवार्ड्स ग्रुप के अध्यक्ष नील गिलेस्पी ने बताया कि इस वर्ष चयन प्रक्रिया में स्थानीय ज्ञान, पारंपरिक शिल्प और आधुनिक महत्वाकांक्षा के मेल को प्राथमिकता दी गई है।

प्रमुख विजेता और उनके डिजाइन

1. परिक्रमा (महाराष्ट्र, भारत): मुंबई स्थित SPASM Design Architects द्वारा डिजाइन किया गया यह घर महाराष्ट्र के कोंकण तट पर एक नारियल के बाग में स्थित है। यह 8,050 वर्ग फुट का घर अपनी 'पैसिव कूलिंग' तकनीक के लिए जाना जाता है। इसमें विशाल ग्रेनाइट स्लैब और कांच के पैनलों का उपयोग किया गया है, जो बिना एयर कंडीशनिंग के भी तापमान को स्थिर रखते हैं।

2. DY पाटिल यूनिवर्सिटी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (नवी मुंबई, भारत): प्रसिद्ध वैश्विक फर्म Foster + Partners द्वारा डिजाइन किया गया यह कैंपस नवी मुंबई में स्थित है। यह प्रोजेक्ट एक दो-एकड़ के 'स्काई गार्डन' और जल निकायों के इर्द-गिर्द बना है। इसे इसकी स्थिरता के लिए LEED Platinum प्रमाणन भी प्राप्त हुआ है।

3. Château de Beaucastel (फ्रांस): फ्रांस के एक ऐतिहासिक वाइनरी एस्टेट का नवीनीकरण भारतीय फर्म Studio Mumbai और फ्रांसीसी फर्म Studio Méditerranée द्वारा किया गया। इस प्रोजेक्ट की खासियत यह थी कि निर्माण में उपयोग की गई लगभग सभी सामग्री (मिट्टी, रेत, कंकड़) उसी स्थान से प्राप्त की गई थी, जिससे यह पर्यावरण के प्रति बेहद संवेदनशील बना।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारतीय वास्तुकार अब केवल सौंदर्यशास्त्र पर ध्यान केंद्रित नहीं कर रहे हैं, बल्कि वे 'सस्टेनेबल लिविंग' के वैश्विक मानकों को नया रूप दे रहे हैं। यह जीत दर्शाती है कि कैसे पारंपरिक भारतीय निर्माण विधियों को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर वैश्विक जलवायु संकट का समाधान निकाला जा सकता है।

स्थानीय सामग्री और पारंपरिक ज्ञान का आधुनिक वास्तुकला के साथ संवाद ही भविष्य के निर्माण की कुंजी है।
Did You Know?: 'परिक्रमा' प्रोजेक्ट में उपयोग किए गए ग्रेनाइट स्लैब एक 'हीट बैटरी' की तरह काम करते हैं, जो दिन में गर्मी सोखते हैं और रात में उसे धीरे-धीरे छोड़ते हैं।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: RIBA इंटरनेशनल अवार्ड्स क्या हैं?
उत्तर: ये पुरस्कार दुनिया भर में उत्कृष्ट और नवाचारी वास्तुशिल्प परियोजनाओं को मान्यता देने के लिए दिए जाते हैं।

प्रश्न 2: भारतीय फर्मों ने इसमें क्या हासिल किया?
उत्तर: भारतीय फर्मों ने जलवायु-अनुकूल और स्थानीय संसाधनों पर आधारित डिजाइन के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त किया है।